6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तिलकनगर में बनेगा दिगंबर जैन मंदिर, मुनि आदित्य सागर के सानिध्य में शिलान्यास

भीलवाड़ा. तिलकनगर यश विहार के पीछे दिगंबर जैन मंदिर का निर्माण होगा। इसका रविवार को मुनि आदित्य सागर संसग के सानिध्य में दिगंबर जैन पार्श्वनाथ मंदिर एवं सेवा ट्रस्ट व सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान मेें मंदिर निर्माण का शिलान्यास और भूमि पूजन हुआ।

2 min read
Google source verification
तिलकनगर में बनेगा दिगंबर जैन मंदिर, मुनि आदित्य सागर के सानिध्य में शिलान्यास

तिलकनगर में बनेगा दिगंबर जैन मंदिर, मुनि आदित्य सागर के सानिध्य में शिलान्यास

भीलवाड़ा. तिलकनगर यश विहार के पीछे दिगंबर जैन मंदिर का निर्माण होगा। इसका रविवार को मुनि आदित्य सागर संसग के सानिध्य में दिगंबर जैन पार्श्वनाथ मंदिर एवं सेवा ट्रस्ट व सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान मेें मंदिर निर्माण का शिलान्यास और भूमि पूजन हुआ।

यहां तीन मंजिल मंदिर व 27 फीट शिखर का निर्माण होगा। समारोह पंडित पीयूष भैया के निर्देशन में हुआ। इसमेें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर दान दिया। मुनि आदित्य सागर ने कहा कि धन की गति तीन प्रकार की होती है, इसमें दान, भोग और नष्ट है। उन्होंने कहा कि आज का दिन भोग व नाश का न होकर दान का है। हमें अपनी चंचला लक्ष्मी से मूर्ति दान और बेदी दान करके अपने रुपए का दान करना है, हमारी स्वयं की मुक्ति का कारण है।

शिलान्यास समारोह में ध्वजारोहण तिलोक चन्द छाबड़ा, शिलान्यास घीसालाल झांझरी, अचल यंत्र संपत सेठिया (महुआ) ने किया। सहायक शिला की स्थापना देवीलाल बाकलीवाल, सोहनलाल गंगवाल, शांतिदेवी चौधरी, उर्मिलादेवी लुहाडिया, माणक चंद गोधा ने की। नींव में कलश की स्थापना शकुंतला कोठारी, एलके जैन, रुपेश कासलीवाल, भागचन्द गोधा, बीना शाह ने मंत्रोच्चार के साथ किया। इससे पूर्व दानराशि के माध्यम से अचल यंत्र, चांदी का फावड़ा, गैंती, करणी, तगारी, पारा, बाल्टी, सब्बल, गज, सिक्के, पंचरत्न, दीपक, स्वर्ण, रजट, ताम्र ईट के लिए पात्रों का चयन किया। कार्यक्रम को सफल बनानेे मेें सभी जैन मंदिरों के अध्यक्ष व सचिव प्रमुख कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों का सहयोग रहा।
इस तरह बनेगा मंदिर

दिगंबर जैन पार्श्वनाथ मंदिर एवं सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष दिनेश सेठिया ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य शिलान्यास के साथ शुरू हो गया है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर में संत शाला, सामग्री कक्ष, कपड़े बदलने का कक्ष का निर्माण होगा। प्रथम मंजिल पर तीन वेदी का निर्माण होगा। प्रथम वेदी में 6 फीट की पार्श्वनाथ भगवान की पदमासन प्रतिमा दिनेश सेठिया की ओर से स्थापित होगी। दूसरी वेदी में अष्ट धातु की 35 इंची शान्तिनाथ भगवान की प्रतिमा तथा दीवार में चौबीसी प्रतिमा विराजमान होगी। तीसरी वेदी में स्फटिकमणि की 35 इंची चन्द्रप्रभु भगवान की प्रतिमा सुरेश, विनय व पवन कोठारी की ओर से स्थापित होगी व 12 अन्य प्रतिमा को विराजमान किया जाएगा। 27 फीट का शिखर के साथ तीसरी मंजिल पर एक कक्ष का भी निर्माण होगा। इसमें एक वेदी बनेगी जिसमें वर्तमान सभी प्रतिमाओं को विराजमान किया जाएगा। समारोह का संचालन पंडित पदम काला ने किया।