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नई खनिज नीति पर चर्चा, सैंड नीति समान बनाने का सुझाव

नई नीति को लेकर प्रदेश के खनिज संगठनों की ऑनलाइन बैठक
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 28 Oct 2020, 10:39 PM IST

Discussion on new mineral policy, suggestion to make sand policy same in bhilwara

Discussion on new mineral policy, suggestion to make sand policy same in bhilwara

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
नई खनिज नीति को लेकर बुधवार को प्रदेश के खनिज संगठनों की ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें खनिज नीति के बार में सुझाव मांगे गए। कलक्ट्रेट में वीडियो कॉन्फे्रंस में खनिज विभाग के अधीक्षण अभियन्ता ओपी काबरा के साथ खान निदेशक डॉ. कुंज बिहारी व अतिरिक्त मुख्य सचिव खान सुबोध अग्रवाल ने सुझावों पर चर्चा की। राकेश तिवारी, सत्यप्रकाश डीडवानिया तथा ऊपरमाल पत्थर खान व्यवसायी संघ के कार्यालय मंत्री रामप्रसाद विजयवर्गीय ने कई सुझाव दिए।
विजयवर्गीय ने बताया कि राजस्थान अप्रधान खनिज रियायती नियमावली 1986 में खनिज सेण्डस्टोन के क्वाारीलाइसेंस आवंटन के लिए नियम बनाए थे। जो वर्ष 2013 के बाद समाप्त कर खनिज नियमावली 2017 से क्वारी लाइसेंस आवंटन की पूरी प्रक्रिया को ही बदल दिया गया। क्वारी लाइसेंस के आंवटन के मूल उद्देश्य को समाप्त कर दिया। इससे रोजगार समाप्त हो गया। राजस्थान प्रदेश में खनिज सेण्ड स्टोन के आवंटन के लिए खनन पट्टा (माइनिंग लीज ) एक ही प्रणाली व एक समान लागू किया जाए। सरकार अगर क्वारी लाइसेंस प्रणाली ही लागू रखना है तो पूर्व में बनाए नियमों में बदलाव करना होगा।
यह दिए सुझाव
- खातेदारी व सरकारी भूमि में सेंड स्टोन के आवंटन के लिए न्यूनतम सीमा 0.18 हैक्टर रखकर खातेदार की रजिस्टर्ड सहमति धारक के पक्ष में खान आवंटन किया जाए।
- खातेदारी भूमि में क्वारी लाइसेंस के लिए भूमि के किस्म संबंधी कोई बाध्यता नहीं रखे।
- खातेदारी भूमि में खातेदार या खातेदार से रजिस्टर्ड सहमति धारक के पक्ष में क्वारी लाइसेंस आवंटन करे।
- प्रदेश में जहां भी क्वारीलाइसेंस प्रणाली हैं उन क्षेत्रों में वर्तमान में विभागीय प्रक्रिया से हजारों प्लॉट रिक्त होकर पुन: आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। उन्हें दुबारा चिन्हित, रेखांकित कर नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
- बिजौलियां क्षेत्र में पुरानी बाउण्ड्रियों में दो प्लॉट के बीच रास्ते बने हैं, उनके आवंटन के नियम बने।
- अवैध खनन के क्षेत्र चिन्हित कर खान आवंटन के नियम बनाए।
- खनिज सैंड स्टोन के खंडा पत्थर व खंडे पत्थर के वेस्ट से जो कोबल्स बन रही हैं, उन पर रायल्टी समाप्त करें।
- खनिज सैंड स्टोन के रायल्टी शिड्यूल में ड्रेस अनड्रेस शब्द हटाकर समान रायल्टी रखी जाए। अनडे्रस शब्द के नाम से आए दिन रायल्टी ठेकेदार व व्यापारियों में रायल्टी की वसूली को लेकर झगड़े होते रहते हैं। वह समाप्त हो।
- क्वारी लाइसेंस में ई रवन्ना प्रणाली लागू की जाए।
- क्वारी लाइसेंस के नामानान्तरण व निरस्त करने की प्रक्रिया अधीक्षण खनि अभियन्ता स्तर पर की जाए। बिजौलियां क्षेत्र में 50 गुणा 50 फिट के पुराने क्वारी लाइसेंस की वार्षिक फीस 2400 रुपए हैं जबकि सिम्पलीफाइड माइनिंग स्कीम अनुमोदन का शुल्क पांच हजार रुपए है जो न्यायोचित नही हैं। माइनिंग स्कीम के शुल्क को क्वारी लाइसेंस की वार्षिक फीस 2400 रुपए से कम किया जाए।