
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में राजकीय सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के चलते डॉक्टर का इंतजार करते रोगी
भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी अस्पताल में राजकीय सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज व आयुष के डॉक्टरों ने चिकित्सा व्यवस्था संभाली। जबकि जांच सेवाएं प्रभावित रही। 33 सूत्री मांग पूरी नहीं होने के विरोध में प्रदेश के साथ ही भीलवाडा में सोमवार को सभी सरकारी अस्पताल के चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर चले गए। इससे सोनोग्राफी व एक्सरे पर असर पड़ा। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मेडिकल कॉलेज से 11 डॉक्टर और आयुष के 8 डॉक्टरों को एमजीएच और मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में लगाया गया है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने आउटडोर में मरीजों को देखा और वार्डों के अंदर राउंड लिया।
डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से मरीज सुबह से ही डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। बाद में मेडिकल कॉलेज व आयुष चिकित्सकों ने व्यवस्था संभाली। उधर निजी चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के आह्वान पर आज राज्य के समस्त सेवारत चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर है। आउटडोर खुले लेकिन वहां चिकित्सक नहीं मिले और मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहे। सर्दी, जुकाम व बुखार के साथ अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पाई है। नर्सेज स्टाफ के भरोसे ही अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज चल रहा है।
जिले के शाहपुरा के सेटेलाइट चिकित्सालय में राजकीय सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल का कोई खास असर नहीं दिखा। 14 में से 13 चिकित्सक हड़ताल पर है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मेडिकल कॉलेज से तीन व आयुष चिकित्सक लगाने से व्यवस्थाएं सुचारु रुप से जारी रही। डॉ अशोक जैन व आयुष चिकित्सको ने आउटडोर में मरीजों को देखा और वार्डों के अंदर राउंड लिया।
कोटड़ी सीएचसी पर चिकित्सालय में राजकीय सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल का कोई खास असर नही रहा । ब्लॉक के 8 चिकित्सक हड़ताल पर है। लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में 4 आयुष चिकित्सक ब्लाक में CMHO द्वारा लगाने से व्यवस्थाएं सुचारु रुप से जारी रही। डॉ महेश यादव आयुष चिकित्सक ने आउटडोर में मरीजों को देखा और वार्डों के अंदर राउंड लिया। वहीं एनआरएचएम के कार्मिक हड़ताल पर उतर आए जिससे बीसीएमएचओ कार्यालय का कामकाज ठप रहा । दिनभर मरीजों की कतारे रही लेकिन आयुष चिकित्सकों के काम करने से सेवाएं बाधित नहीं हुई।
Published on:
18 Sept 2017 01:24 pm
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