
Doda powder became a consignment of drugs, the silence of the governme
भीलवाड़ा। प्रदेश में अफीम का तोल उठाने के बाद राज्य सरकार संभवत: डोडे का नष्टीकरण भूल गई है, यही चूक प्रदेश के युवाओं के साथ ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, झारखंड आदि राज्यों में लोगों पर भारी पड़ रही है। कई लोग नशे की खेप को (डोडे का नशा) शादी समारोह तक में परोसने लगे है। दूसरी तरफ डोडा नष्ट नहीं किए जाने से अफीम तस्कर काश्तकारों के घरों व खेतों में सेंध मारते हुए लग्जरी वाहनों से एक राज्य से दूसरे राज्य में उड़ाने भर रहे है।
प्रदेश में राज्य सरकार ने राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश की पालना में डोडा चूरा की बिक्री पर एक अप्रेल २०१६ से पूर्णत: प्रतिबंध लगा रखा है। इस आदेश के बाद आबकारी विभाग के अधीन संचालित सभी प्रकार के गोदाम व दुकानें बंद हो गई। डोडा की बिक्री किसी भी स्तर पर नहीं हो सके, इसके लिए सरकार ने डोडों को पूरी तरह से नष्ट कर जमीदोज करने तक के आदेश जारी कर दिए। गत तीन साल से अफीम को तोल होने के बाद आबकारी विभाग की देख रेख में प्रशासनिक टीम डोडो का नष्टीकरण करवा रही है, लेकिन प्रदेश में इस साल डोडे नष्ट करने के लिए सरकारी स्तर पर आदेश ही जारी नहीं हुए है। ऐसे में अफीम का तोल देने वाले किसानों के यहां मई माह से डोडे का स्टॉक है। कईयों की रातों की नींद डोडे की सुरक्षा के लिहाजे से उड़ी हुई है। चित्तौडग़ढ़ के सिंगोली श्याम क्षेत्र में तो गत साल का भी डोडा चूरा स्टॉक नष्टीकरण के अभाव में पड़ा है।
अफीम उत्पादक गांवों में सेंध
डोडे के नशा का दायरा देश के विभिन्न हिस्सों में बढऩे से तस्कर अफीम उत्पादक गांवों में सेंध मारने लगे है। ऐसे गांवों में तस्करों की लग्जरी वाहन घूम रहे है तो कई दलालों के मार्फत चोर रास्ते से सौदेबाजी कर रहे है। पुलिस की हाइवे पर कार्रवाई के दौरान डोडा चूरा पकड़े जाने पर इसका खुलासा भी हो रहा है। डोडे की बढ़ती तस्करी के पीछे प्रमुख कारण राज्य सरकार द्वारा डोडे नष्टीकरण नहीं करना माना जा रहा है। वही यह भी कहना है कि किसानों को मेहनत के अनुरुप सरकार मेहनताना नहीं चुका रही है।
२७७३२.०८ किलो अफीम का उठाव
भीलवाड़ा अफीम संभाग में शामिल भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी,मांडलगढ़, जहाजपुर व बिजौलियां तथा चित्तौडग़ढ़ जिले के बेगूं व रावतभाटा के कुल २६६ गांव के ५३९८ काश्तकारों की अफीम का तोल इस साल मई में हुआ है। यहां तोल के दौरान २७७३२.०८ किलो अफीम का उठाव हुआ। इसी अनुपात में डोडे का संग्रहण किसानों के घरों व खेतों में है।
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आयोजनों में घोलते है नशा
जिले में स्मैक के साथ ही डोडे के नशा का जाल भी बढ़ता जा रहा है। जिले के कई ग्रामीण हिस्सों में लोग चोरी छिपे डोडे का नशा करते है। पहले सरकार १२५ रुपए प्रति किलो तक में डोडा चूरा खरीदती थी और बाजार कीमत एक हजार रुपए तक थी। सहाड़ा, आसीन्द, बदनोर, करेड़ा क्षेत्र के कई गांवों में तो आयोजनों के दौरान अफीम व डोडा घोलने की परम्परा तक है।
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वर्जन................
सरकार के आदेश की प्रतीक्षा है, लेकिन डोडा नष्टीकरण की प्रारम्भिक तैयारी शुरू कर दी है, किसानों के यहां संग्रहित डोडा स्टॉक की जानकारी जुटाई जाएगी। किसानों को भी सहयोग करने की अपील की गई है
प्रकाश रेगर, जिला आबकारी अधिकारी
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कमेटी का गठन होने पर केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो का प्रतिनिधि भी शामिल होता है, लेकिन इस बार कमेटी गठन का कोई आदेश नहीं आया है।
एस के सिंह, जिला अफीम अधिकारी भीलवाड़ा
राज्य सरकार की तरफ से नष्टीकरण के आदेश नहीं आया है। सुरक्षा को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। सरकार को किसानों को ही डोडा नष्ट करने का अधिकार दे देना चाहिए ताकि खेतों में जैविकता बढ़ाई जा सके। डोडा तस्करी बढऩा भी चिंता जनक है।
बद्रीलाल तेली, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ भीलवाड़ा
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डोडा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
- १४ जुलाई, रायला थाना क्षेत्र में कार से ४७ किलो डोडा पकड़ा, आरोपी फरार
- ०९ जुलाई, रायला थाना क्षेत्र में ट्रक से पाउडर की आड में ३२५ किलो डोडा चूरा पकड़ा, दो गिरफ्तार
- २० जून, मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में पिकअप से २६० किलो डाडेा पकड़ा, तीन गिरफ्तार
-२८ जून, बीगोद थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर ट्रोली से ४१४ किलो डोडा पकड़ा, चालक गिरफ्तार
23 मई को गुलाबपुरा थाना पुलिस ने कीटनाशक दवा की आड़ में ट्रक में तस्करी कर ले जाते एक क्विंटल डोडा चूरा बरामद किया था।
Published on:
09 Sept 2020 12:05 pm
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