राजस्व मंडल की चूक से वो गिरदावर ही रह गए

सालों से पदोन्नति की राह तक रहे प्रदेश के 96 गिरदावरों (भू अभिलेख निरीक्षक) की उम्मीदों पर पानी फि र गया है, राजस्व मंडल अजमेर ने वरिष्ठता को भूला कर उम्र को आधार मानते हुए कनिष्ठों को नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति दे दी। अब पदोन्नति के खातिर गिरदावर अजमेर से लेकर जयपुर तक चक्कर लगा रहे है।

By: Narendra Kumar Verma

Updated: 29 Jun 2020, 11:15 AM IST

भीलवाड़ा। सालों से पदोन्नति की राह तक रहे प्रदेश के 96 गिरदावरों (भू अभिलेख निरीक्षक) की उम्मीदों पर पानी फि र गया है, राजस्व मंडल अजमेर ने वरिष्ठता को भूला कर उम्र को आधार मानते हुए कनिष्ठों को नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति दे दी। अब पदोन्नति के खातिर गिरदावर अजमेर से लेकर जयपुर तक चक्कर लगा रहे है।

प्रदेश में लम्बे समय से पदोन्नति की राह देख रहे भूअभिलेख निरीक्षकों की पदोन्नति नायब तहसीलदार पद पर राजस्व मण्डल अजमेर ने जारी पात्रता सूची के आधार पर २३ जून २०२० को की, लेकिन ये पात्रता सूची अब विवादों के घेरे में है, आरोप यह है कि जारी पात्रता सूची में वर्ष 2013-14 में भूअभिलेख निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए पटवारियों की वरिष्ठता में छेड़छाड़ की गई, इसी कारण ९६ पात्र भूअभिलेख निरीक्षकों को पदोन्नति नहीं मिल सकी। जबकि वर्ष 2013-14 में 45 वर्ष से कम आयु वाले नव पदोन्नत भू-अभिलेख निरीक्षकों ने राजस्व मंडल के आदेशानुसार राजस्व प्रशिक्षणालय टोंक में 31 दिसम्बर 2013 से 04 मार्च 2014 तक प्रशिक्षण भी लिया।

बिगाड़ा वरिष्ठता क्रम
राजस्व मंडल ने एक अप्रेल २014 की स्थिति के अनुसार 24 अप्रेल 2017 को भू.अभिलेख निरीक्षक की अंतिम वरिष्ठ सूची जारी की। उक्त सूची के आधार पर ही भू-अभिलेख निरीक्षकों की वरिष्ठता तय हुई और कार्यग्रहण दिनांक भी सेवाभिलेख में अंकित अनुसार हुआ।

आपत्तियों के लिए सिर्फ पांच दिन
मंडल द्वारा भू.अभिलेख निरीक्षकों की पारस्परिक अंतरिम वरिष्ठता सूची 24 अक्टूबर 2019 को जारी की गई, आरोप है कि उक्त सूचियों में वर्ष 2013-14 में पदोन्नत भू.अभिलेख निरीक्षक जिनकी आयु 45 वर्ष से कम थी, उनकी भू.अभिलेख निरीक्षक पद पर कार्यग्रहण तिथि का अंकन सही किया, लेकिन वरिष्ठता क्रम का गलत निर्धारण किया। इतना ही नही प्रदर्शित सूची पर आपत्तियों के लिए भी महज पांच दिन का समय दिया गया। ऐसे में जिन भू-अभिलेख निरीक्षकों द्वारा वरिष्ठता के गलत निर्धारण के सम्बन्ध में आपत्तियां प्रस्तुत की गई उन आपत्तियों पर बिना विचार व सुनवाई के अंतिम वरिष्ठता सूचिया जारी कर दी गई। इसमें वरिष्ठता की पालना नहीं करने से वर्ष 01 जनवरी 2014 को 45 वर्ष से कम आयु वाले 96 निरीक्षकों को पदोन्नति ही नहीं मिल सकी। ऐसे में पदोन्नति से वंचित 96 भू निरीक्षक के अफ सर यानि नायब तहसीलदार उनके ही जूनियर्स निरीक्षक हो गए।

भीलवाड़ा के आठ निरीक्षक वंचित
राजस्थान कानूनगो संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष बनवीर सिंह का कहना है कि प्रदेश में पदोन्नति के लिए ४५१ निरीक्षकों की सूची जारी हुई है। इसमें ९६ निरीक्षकों की वरिष्ठता क्रमांक को जूनियर्स से और नीचे कर दिया। इसमें भीलवाड़ा जिले के ८ निरीक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित होने से वो पदोन्नति से वंचित रहे है।

नियमानुसार करेंगे कार्यवाही
अभी तक इस संदर्भ में किसी प्रकार की कोई शिकायत मेरे सामने नहीं आई है, यदि कोई समस्या है तो उसे रखने का अधिकार उन्हें है, समस्त पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। अध्यन के बाद ही नियमाुनसार कार्यवाही संभव है।
रेणू जयपाल, निर्बंधक, राजस्व मण्डल, अजमेर

पदोन्नति देने में चूक हुई
वर्ष 2013-14 के प्रशिक्षित 96 भूअ निरीक्षकों की कार्यग्रहण तिथि सेवाभिलेख के अनुसार नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति होनी चाहिए थी, लेकिन राजस्व मण्डल ने यह नहीं किया, जो न्याय संगत नहीं है। राजस्व मण्डल को गलती सुधारते हुए 23 जून 2020 को जारी पात्रता सूची को इसी आधार पर संशोधित करना चाहिए। सही वरिष्ठता का निर्धारण कराते हुए पात्र 96 निरीक्षकों को नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति दिलवाई जाए।
ज्ञानेन्द्र, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान कानूनगो संघ, अजमेर मण्डल

Narendra Kumar Verma Reporting
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