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तीन माह सीजन में यात्रियों से कमा लिए, बस स्टैंड पर धैला तक खर्च नहीं करवा पाए चीफ मैनेजर

- प्रवेश द्वार पर गडढ़ों से यात्रियों का स्वागत, मूलभूत सुविधाओं को तरसे यात्री - टॉयलेट टूटे हुए, गंदे पानीे में मच्छरों की भरमार - कलक्टर देते ध्यान, न जनप्रतिनिधियों को भान
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भीलवाड़ा

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Akash Mathur

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Updated: 12 Nov 2022, 11:49 AM IST

तीन माह सीजन में यात्रियों से कमा लिए, बस स्टैंड पर धैला तक खर्च नहीं करवा पाए चीफ मैनेजर

तीन माह सीजन में यात्रियों से कमा लिए, बस स्टैंड पर धैला तक खर्च नहीं करवा पाए चीफ मैनेजर

धन-कुबेर की नगरी के बदहाल रोडवेज बस स्टैंड की आखिर सुध कौन लेगा। तीन माह में रोडवेज ने करोड़ों रुपए कमा लिए। लेकिन यात्रियों को सुविधा के नाम पर धैला तक खर्च तक नहीं किया। प्रवेश द्वार पर गड्ढ़ों से यात्रियों का स्वागत हो रहा तो प्लेटफार्म परिसर में भरे गंदे पानी में मच्छरों की भरमार से यात्रियों का दो मिनट बस स्टैंड पर बैठना दुश्वार हो रहा। इसके बावजूद रोडवेज प्रबंधन कुंभकर्णी नींद में है। न कलक्टर ने बस स्टैंड का दौरा कर यात्रियों की असुविधा को जाना।

न विधायक और सांसद इसकी सुध ले पा रहे। पहले गर्मियों में यात्रियों की रेलमपेल रही। उसके बाद त्योहारी सीजन में कमा लिए। हर माह करीब साढ़े चार करोड़ रुपए राजस्व बटोरेने वाले भीलवाड़ा आगार के बस स्टैंड को जीर्णाद्वार की जरूरत है। बस स्टैंड परिसर में बनी सड़कें उधड़ी हुई है। बसों के आते-जाते समय दिनभर धूल उड़ती रहती है। इससे लोगों को मुंह पर कपड़ा ढककर रखना पड़ता है। जगह-जगह कचरे के ढेर हैं। गंदा पानी भरा होने से उसमें मच्छर पनपने से बीमारी का अंदेश रहता है। बसों को प्लेटफार्म पर आने से रोकने के लिए स्टोपर टूटे हुए हैं। यात्रियों के वाहन को पार्किंग में खड़ा करवाया जाता जबकि कर्मचारी और जलपान कैंटीनों के संचालकों ने प्लेटफार्म को ही पार्किंग बना रखी है। टाॅयलेट टूटे हुए हैं। मवेशियों का दिनभर प्लेटफार्म पर जमावड़ा रहता। समय पर सफाई नहीं होती।

पत्रिका लगातार मुद्दा उठा रहा
यात्रियों की आवाज बन रहा राजस्थान पत्रिका बदहाल बस स्टैंड को लेकर लगातार समाचारों का प्रकाशन कर रहा है। यात्रियों को हो रही हर परेशानी को खबरों के माध्यम से रख रहा है।

इनका कहना है
मुख्यालय से इतना बजट नहीं मिल पाता कि बस स्टैंड का विकास हो सकें। जिला कलक्टर से वार्ता कर डीएमएफटी से राशि दिलाने का आग्रह किया है। वही जनप्रतिनिधियों और भामाशाहों का सहयोग लेकर बस स्टैंड को दुरुस्त किया जाएगा।
- परमवीरसिंह, मुख्य प्रबंधक, भीलवाड़ा आगार
......

फैक्ट फाइल
4.50 करोड़
हर माह आगार की कमाई

15 हजार
रोजाना यात्रियों का आगमन

92 बसें
आगार के बेड़े में

35 हजार
किमी रोजाना बसों के चक्के घूम रहे