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विधानसभा में भीलवाड़ा से मांडलगढ़ तक की गूंज

विधायक अवस्थी बोले-एक नेता के इशारे पर यूआईटी का अधिकांश बजट पेराफेरी क्षेत्र में किया खर्च

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विधानसभा में भीलवाड़ा से मांडलगढ़ तक की गूंज

विधानसभा में भीलवाड़ा से मांडलगढ़ तक की गूंज

भीलवाड़ा. शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी ने बुधवार को विधानसभा में शहर से जुड़े मुद्दे उठाए। अवस्थी ने कहा कि शहर की 80 कॉलोनियों को चम्बल का पानी नहीं मिल रहा है। नगर विकास न्यास ने करोड़ों का बजट पेराफेरी में खर्च कर दिया है। मांडलगढ़ वन विभाग की 227 बीघा जमीन में 3400 करोड़ रुपए का घोटाला होने का आरोप लगाते जांच की मांग की।


अवस्थी ने कहा कि न्यास में 2 साल में पहली बार 10 मार्च को बजट पारित किया। बिना बजट पारित कराए न्यास ने दो साल मनमाने तरीके से पैसा खर्च किया। पूरा भीलवाड़ा शहर उपेक्षित है। एक नेता के इशारे पर पेराफेरी क्षेत्र में करोड़ों रुपए लगाए गए। शहर में सड़कों पर गड्ढे हैं तो पेयजल व बिजली की कमी है। सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। न्यास में जनप्रतिनिधि बैठता तो जिम्मेदारी से काम करता, लेकिन वहां अफसरशाही की मनमानी चली। गौरतलब है कि न्यास बजट को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 15 फरवरी के अंक में 18 माह से नहीं हुई बजट बैठक, खर्चे 116 करोड़ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए थे। इसे लेकर अवस्थी ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव भी लेकर आए थे।

80 कॉलोनियों को नहीं मिल रहा पेयजल
अवस्थी ने कहा कि भीलवाड़ा में प्राइवेट कॉलोनाइजर मनमाने तरीके से कॉलोनियां बसा रहे हैं। इनका विकास शुल्क न्यास लेता है। प्राइवेट कॉलोनाइजर मकान सौंपकर निकल लेते हैं। वहां न सफाई होती है और बिजली- पानी के इंतजाम। सड़कों की मरम्मत भी नहीं होती। शहर में ऐसी 80 निजी कॉलोनियां हैं। पूरा शहर चम्बल का पानी पीता है, लेकिन उनमें चम्बल का पानी नहीं दिया जाता है। इसके लिए नियम बदले जाएं।
227 बीघा वन जमीन का उठाया मुद्दा

जिले के मांडलगढ़ में 227 बीघा वन भूमि में लाखों पेड़ लगे हैं। उसको राजस्व विभाग ने किसी के नाम कर दी। यह जमीन 1965 से वन विभाग के नाम है। इसकी कीमत 15 करोड़ रुपए प्रति बीघा है। वहां सैण्ड स्टोन भी निकल रहा है। इस आवंटन में निश्चित रूप से भ्रष्टाचार हुआ है। अवस्थी ने कहा कि 80-80 बीघा जमीन की बंदरबांट जयपुर से भीलवाड़ा तक हो चुकी है। जमीन को वन भूमि के नाम वापस दर्ज किया जाए ताकि लाखों पेड़ों को कटने से बचाया जा सके। अवस्थी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भीलवाड़ा जिले में 3400 करोड़ रुपए का घोटाला है। इसकी जांच होनी चाहिए।