
शिक्षा विभाग का निजी विद्यालयों पर शिकंजा
private schools in Rajasthan राजस्थान में गैर सरकारी विद्यालयों पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया। शिक्षा विभाग के अधिकारी अब नियमित रूप से निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि शिक्षा विभाग की तय शर्तों का विद्यालय प्रबंधन पालना कर रहा है या नहीं। पालना सुनिश्चित नहीं होने पर अब सीधी मान्यता समाप्त हो सकेगी।
सौ दिन की कार्ययोजना
राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग की 100 दिन की कार्ययोजना के तहत गैर सरकारी विद्यालयों को भी कड़ाई से जांच के दायरे में लिया। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने गैर सरकारी विद्यालयों के लिए गाइडलाइन जारी की। राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम, 1989 एवं राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था (मान्यता, सहायता अनुदान और सेवा शर्तें आदि) नियम, 1993 (संशोधित) नियम 2011 में विभिन्न स्तर की गैर-सरकारी शैक्षिक संस्थाओं को मान्यता एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर के अलावा अन्य बोर्ड से संबद्धता लेने के लिए अनापति प्रमाण पत्र जारी किए जाने का प्रावधान है।
समिति का होगा गठन, करेगी निरीक्षण
निजी विद्यालयों का विभागीय अधिकारियों की ओर से नियमित निरीक्षण/पर्यवेक्षण करना होगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन विद्यालयों की ओर से उनसे संबंधित कानूनों एवं नियमों की पालना की जा रही है या नहीं, इसकी जांच होगी। क्रियान्वयन एवं निजी विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित निरीक्षण के लिए समिति का गठन किया जाकर समिति के समय-समय पर निजी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा।
मांग के अनुरूप करनी होगी मदद
नियमित पर्यवेक्षण के दौरान विद्यालय जांच कमेटी को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाया या जांच में सहयोग नहीं कर रहा तो उक्त विद्यालय की मान्यता समाप्ति की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
सभी की होगी जांच
नियमित निरीक्षण व पर्यवेक्षण राज्य में संचालित सभी गैर सरकारी विद्यालयों का किया जाएगा। चाहे वह किसी भी बोर्ड से संबद्धता प्राप्त हो अर्थात माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के अलावा अन्य बोर्ड से संबद्धता प्राप्त हो किन्तु राज्य में संचालित गैर सरकारी विद्यालय भी निरीक्षण के दायरे में शामिल होंगे।
संसाधनों की उपलब्धता पर नजर
गुड-टच, बेड-टच की कार्ययोजना, नवाचारों से संबंधित रिकाॅर्डस, निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम की पालना तथा विद्यालय परिसर में भूमि, कक्षा-कक्ष, विषयवार प्रयोगशाला, बालक-बालिकाओं के पृथक-पृथक शौचालय, पुस्तकालय, रेम्प एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की भी जांच होगी। इसी प्रकार शैक्षिक भू-रूपान्तरण व विद्यालय संचालन की अनुमति तथा कर्मचारी भविष्य निधि प्रमाण पत्र एवं विद्यार्थियों का कुल नामांकन एवं उनकी उपस्थिति मान्यता व एनओसी की अब जांच के दायरे में होंगे।
Published on:
27 Feb 2024 12:51 pm
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