
Electricity bills expose the truth: Over 300,000 pensioners under scrutiny
राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पेंशन प्राप्त करने वाले हजारों लाभार्थियों पर जांच का शिकंजा कस दिया है। दरअसल, सितंबर 2023 से अगस्त 2024 के बीच ऐसे 3 लाख से अधिक पेंशनर्स सामने आए हैं जिन्होंने 24 हजार रुपए या उससे अधिक वार्षिक बिजली बिल का भुगतान किया है, जबकि योजना में आय सीमा 48 हजार रुपए प्रतिवर्ष तय है।
विद्युत बिल भुगतान से खुला आय विसंगति का मामला
जनाधार प्राधिकरण, आयोजना विभाग की ओर से डिस्कॉम से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 2 लाख 6 हजार परिवारों के कुल 3 लाख 2000 लाभार्थियों ने एक वर्ष में 24 हजार या उससे अधिक का बिजली बिल चुकाया है। ऐसे मामलों में घोषित वार्षिक आय सीमा और वास्तविक खर्च क्षमता में बड़ा अंतर पाया गया है।
पेंशन भुगतान अस्थायी रूप से रोकी
इस पर संयुक्त शासन सचिव एवं निदेशक आशीष मोदी ने आदेश जारी कर सभी संदिग्ध पेंशन लाभार्थियों की पेंशन अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी लाभार्थियों को नोटिस जारी कर जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी वार्षिक आय पात्रता सीमा में है या नहीं।
अब होगी आय की सघन जांच
निदेशक मोदी ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी स्तर पर सघन जांच की जाएगी। यदि जांच में पाया जाता है कि लाभार्थी की आय पात्रता सीमा 48 हजार रुपए एक वर्ष से अधिक है, तो ऐसे मामलों में पेंशन निरस्त की जाएगी, जबकि पात्र पाए जाने पर पेंशन पुनः प्रारंभ की जाएगी।
आंकड़ों ने बढ़ाया संदेह
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में लाभार्थियों को केवल तभी पेंशन का पात्र माना जाता है, जब उनकी वार्षिक आय 48,000 से कम हो। लेकिन बड़ी संख्या में लाभार्थियों की ओर से 24,000 से अधिक बिजली बिल चुकाने से यह संकेत मिलता है कि कई पेंशनर्स की वास्तविक आय इससे कहीं अधिक हो सकती है। ऐसे में बिना जांच के लिए अधिकारियों ने पेंशन जारी कर दी थी।
जांच से जुड़े प्रमुख तथ्य
Updated on:
13 Oct 2025 08:50 am
Published on:
13 Oct 2025 08:50 am
