
Farmers left out of grants in bhilwara
भीलवाड़ा।
राज्य सरकार ने खेतों में फसलों को आवारा पशुओं से बचाने तथा खेती में इस्तेमाल उपकरणों की खरीद की किसानों के लिए कई योजनाएं चला रखी है। किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए लेकिन जिले के किसी भी किसान को ३१ मार्च तक अनुदान राशि नहीं मिल पाई है। अधिकारी इसकी वजह बजट की कमी और अटके बिल बता रहे हैं। साथ ही एक सप्ताह बाद बजट मिलने पर भुगतान की उम्मीद जताते हैं।
जिले के किसानों ने तारबंदी या उपकरण योजना के लिए ई-मित्र से ऑनलाइन आवेदन किए। कृषि विभाग सरकार के वित्तीय लक्ष्य के आधार पर आवेदन करने के बावजूद किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान मंजूर नहीं कर पाया। वित्त वर्ष 2018-19 की समाप्ति 31 मार्च को होने के साथ पांच करोड़ का अनुदान अटक गया है।
कई पत्र लिखे
जिलेभर से करीब ५१० किसान इसे लेकर परेशान है। अधिकारियों को कहना है कि वर्ष 2018-19 के दौरान लक्ष्य के अनुपात में ही भीलवाड़ा में आवेदन आए लेकिन अन्य जिलों में संख्या कई गुना अधिक थी। अधिकारियों ने बजट आवंटन तथा किसानों को अनुदान का लाभ देने के लिए पत्र लिखे लेकिन स्थिति यह रही कि कृषि यंत्रों का अनुदान किसी को नहीं मिल सका।
नहीं मिला अनुदान
सरकार की कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान के लिए जिले के सैकड़ों किसानों ने आवेदन किए लेकिन किसी को भी अनुदान नहीं मिला है। अनुदान जिलाकोष कार्यालय में अटक गए है।
जीएस चावला, उप निदेशक कृषि विस्तार
Published on:
03 Apr 2019 07:38 pm
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