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जिन्दल को खनन के लिए नहर की जमीन देने का प्रस्ताव किसानों ने  ठुकराया

मेजा बांध की करीब डेढ़ किलोमीटर नहर की जमीन खनन के लिए जिंदल सॉ को देने की राज्य सरकार की तैयारी है।

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मेजा बांध की करीब डेढ़ किलोमीटर नहर की जमीन खनन के लिए जिंदल सॉ को देने की राज्य सरकार की तैयारी है। इस सम्बन्ध में सहमति के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को किसानों के साथ बैठक करने को कहा है, हालांकि किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

भीलवाड़ा।

मेजा बांध की करीब डेढ़ किलोमीटर नहर की जमीन खनन के लिए जिंदल सॉ को देने की राज्य सरकार की तैयारी है। इस सम्बन्ध में सहमति के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को किसानों के साथ बैठक करने को कहा है, हालांकि किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

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जल संसाधन विभाग उपखण्ड मेजा के अधिकारियों ने बुधवार को सुरास व डेढवास के किसानों के साथ बैठक की, जिसमें दोनों गांवों के 20 किसान पहुंचे। बैठक में मांडल उपखण्ड अधिकारी सीएल शर्मा ने किसानों के सामने मेजा नहर की चेन संख्या 134 से 182 तक की जमीन को डी कमाण्ड करने का प्रस्ताव रखा, जिसके लिए किसानों ने इनकार कर दिया।

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बैठक में विभाग के एक्सईएन नेमीचन्द अजमेरा, एईएन सुभाष भट्ट, जेईएन ओपी शर्मा, गिरदावर राजेन्द्र तिवाड़ी, भूपेन्द्र चुण्डावत, पवन सुखवाल, यशवन्त तिवारी, किसान बद्री धोबी, बालूसिंह, सोहनलाल, लादूलाल, सम्पतलाल शर्मा समेत कई लोग मौजूद थे।

एक साल से चल रहे कागज
जिन्दल सॉ को पुर, डेढवास क्षेत्र में खनन के लिए जमीन दी गई है, आवंटन के समय तब खनन क्षेत्र में आने वाले नदी, नाले व नहर को छोड़कर खनन की अनुमति दी थी। जिन्दल सॉ ने गत वर्ष 31 मार्च को जलसंसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव को पत्र लिखा कि खनन क्षेत्र में आने वाली करीब डेढ़ किमी लंबी मेजा बांध की नहर की जमीन उसे दे दी जाए, उसके बदले वह नई जगह पर नहर बनाकर देगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने विभाग को किसानों से सहमति बनाने के निर्देश दिए।


पुरानी के बदले नई नहर बनाती कम्पनी
जिंदल सॉ करीब 1440 मीटर नहर की जमीन के बदले नई नहर का निर्माण करेगा। किसानों का कहना है कि अभी नहर उत्तर दिशा में है। यह जमीन मिलने के बाद नई नहर दक्षिण दिशा में हो जाएगी। नहर की दिशा बदलने से करीब 111 बीघा सिंचित जमीन प्रभावित होगी। हालांकि 93 बीघा जमीन किराए पर चल रही है। शेष 27 बीघा पर सिंचाई हो रही है।

किसानों का निर्णय सरकार को भेजा
मेजा बांध की नहर के सम्बन्ध में किसानों की बैठक सुरास के पास बुलाई थी। किसानों ने नहर की जमीन बदलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। किसानों के निर्णय से सरकार को अवगत कराएंगे
सीएल शर्मा, उपखण्ड अधिकारी मांडल


खनन क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका
वर्तमान नहर खनन पट्टा क्षेत्र से गुजरती है। भविष्य में इससे खनन क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। इस सन्दर्भ में कम्पनी ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा कि सिंचित क्षेत्र को प्रभावित किए बिना नहर के कुछ हिस्से को खनन क्षेत्र के बाहर बाईपास बनाकर निकाल दिया जाए। कम्पनी ने प्रस्ताव में साफ किया कि सिंचित क्षेत्र को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने देंगे। कुछ लोग नौकरी न देने की भ्रांति फैला रहे हैं जबकि विषय भिन्न है।
राजेन्द्र गौड, लायजन हेड, जिंदल सॉ

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