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फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट दिलाएगा प्रदूषण से मुक्ति, बनेगा जैविक खाद

जिले के गुलाबपुरा, आसीन्द व मांडलगढ़ में लगेगा एफएसटीपी प्लांटराज्य सरकार के बजट घोषणा से यह होगा फायदा
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फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट दिलाएगा प्रदूषण से मुक्ति, बनेगा जैविक खाद

फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट दिलाएगा प्रदूषण से मुक्ति, बनेगा जैविक खाद

भीलवाड़ा।
शहर को स्वच्छ सुंदर एवं प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। बहुत ही जल्द नगर जिले की तीन नगर पालिका क्षेत्र में लाखों की लागत से फीकल सल्ज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। इस प्लांट के माध्यम से शौचालय टैंक के गाद से जैविक खाद बनाई जाएगी। अभी तक सेप्टिक टैंक के गाद को टैंकों में भरकर खुले में सड़क के किनारे गिरा दिया जाता है। इससे जहां बड़े पैमाने पर पर्यावरण प्रदूषित होता है और भयंकर बीमारियां फैलती हैं। ट्रीटमेंट प्लांट से यहां आने वाली गंदगी को निस्तारित कर खाद बनाया जाएगा व पानी को साफ कर दूसरे प्रयोगों में लाया जाएगा। प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत शुरुआती दौर में 24 जिलो के 50 शहरों में 200 करोड़ की लागत से यह प्लांट लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत जिले की तीन शहरी क्षेत्र गुलाबपुरा, आसीन्द व मांडलगढ़ का चयन किया गया है। इस प्लांट को लगाने की जिम्मेदारी आरयूआईडीपी को सौंपी जाएगी। इस प्लांट को बनाने के लिए जिला प्रशासन को निशुल्क जमीन उपलब्ध करानी होगी। जहां पर यह प्लांट लगाया जाएगा उसके चारों तरफ दीवार, वहां तक टैंकों को पहुंचने के लिए सड़क का भी निर्माण कराया जाएगा। प्रतिदिन १५ से २० केएलडी सेप्टिक टैंक के गाद की खपत होगी। इससे बनने वाली गैस को प्लांट चलाने के लिए ईंधन के रूप में उपयोग किया जाएगा। बड़े पैमाने पर गैस बनने पर भविष्य में इसको रसोई गैस के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। इससे बनने वाली खाद किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। अन्य रासायनिक खादों की अपेक्षा यह जैविक खाद 20 गुने ज्यादा गुणकारी होगी। इस खाद को खेतों में डालने से एक तरफ जहां रासायनिक खादों के बढ़ते उपयोग से खेतों की छारीय क्षमता में वृद्धि हो रही है उससे किसानों को निजात मिलेगी साथ ही इस प्लांट को चलाने के लिए लागत को पूरी तरह से शून्य करने के लिए सोलर प्लांट भी लगाए जाएंगे। इससे शहर में लगे सीवरेज सिस्टम पर निर्भरता कम होगी। इससे इन तीनों शहरी क्षेत्र के सभी धरों को कवर किए जाएंगे।
गाद को खेतों में या नालों में फेंक देते हैं टैंकर चालक
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी महावीर मेहता ने बताया कि राजस्थान सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में भीलवाड़ा जिले में तीन स्थानों पर फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की घोषणा से प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। वही अब तक सैप्टिक टैंकों से निकलने वाली गाद को टैंकर चालक निकालकर उस दूषित पानी को नालों में या खेतों में डाल देते हैं। इससे बीमारियां फैलने का खतरा अधिक बना रहता है। इस प्लांट के बनने के बाद किसानों को ट्रीटिड पानी और जैविक खाद भी मिलेगा।

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