
Festival of faith: Ganesh Chaturthi will be celebrated on Wednesday for the 13th time in 74 years
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति इस बार अपने ही वार को कई शुभ संयोगों के साथ आएंगे। मंदिरों में महोत्सव के अलावा इस दौरान घरों व पंडालों में भगवान गणेशजी की पूजा- अर्चना होगी। गांधीनगर स्थित गणेश मंदिर परिसर के बाहर मेला भरेगा। पंडित अशोक व्यास ने बताया कि तीन वर्ष बाद गणेश चतुर्थी उनके ही वार बुधवार 27 अगसत को आ रही है। इसमें शुभ और शुक्ल योग पर्व को विशेष बना रहा है। स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त होने से इस दिन बाजार में खरीदारी का भी बूम रहेगा। उधर, गणेश महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई है। गणपति प्रतिमाओं को कलाकार आकार देने में लगे है।
बुधवार का संयोग-1951 से अब तक 13वीं बार
पंडित व्यास ने बताया कि शास्त्रों में बुधवार का दिन गणेशजी को अत्यंत प्रिय माना गया है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा-अर्चना से सभी विघ्न दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। दिलचस्प तथ्य है कि 1951 से लेकर 2025 तक यह 13वीं बार है जब गणेश चतुर्थी बुधवार को पड़ रही है। पिछले 73 सालों में गणेश चतुर्थी 12 बार बुधवार को आ चुकी है। पहले 1951, 1957, 1978, 1981, 1985, 1991, 1998, 2001, 2005, 2008, 2012 व 2022 में भगवान गजाजन का प्रागट्योत्सव बुधवार को आया था। इस बार 13वीं बार ये संयोग बनेगा।
भीलवाड़ा में गणेश महोत्सव का बढ़ता उत्साह
भीलवाड़ा शहर और कस्बों में गणेश चतुर्थी का उत्सव हर साल नए उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान जगह-जगह पांडाल सजेंगे। भक्ति गीतों की स्वर लहरियां गूंजेंगी। झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। रात में डांडिया और गरबा का आयोजन होगा।
गणेश स्थापना के शुभ मुहूर्त
पंडित व्यास के अनुसार इस बार गणपति प्रतिमा स्थापना के लिए दिनभर कई शुभ चौघड़िया उपलब्ध रहेंगे।
Published on:
24 Aug 2025 09:00 am
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