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फाल्गुन मतलब उल्लास व उमंग का माह

फाल्गुन उल्लास, आनंद व उमंग का महीना माना जाता है।

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फाल्गुन मतलब उल्लास व उमंग का माह

फाल्गुन मतलब उल्लास व उमंग का माह

फाल्गुन उल्लास, आनंद व उमंग का महीना माना जाता है। मुंडन, ग्रह प्रवेश और मांगलिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। फाल्गुन 25 फरवरी से शुरू हो गया व 25 मार्च तक चलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बसंत पंचमी से फाग गायन शुरू हो चुका।

पंडित अशोक व्यास ने बताया कि हिंदू कैलेंडर में फाल्गुन साल का अंतिम महीना है। इसके बाद हिंदू नववर्ष शुरू होता है। फाल्गुन शुरू होते ही फागोत्सव मथुरा से शुरू होकर पूरे देश में फैलता है। फाल्गुन में होली और महाशिवरात्रि मनाई जाती है। महाशिवरात्रि भगवान शिव की कृपा से मनोकामना पूरा करने का उत्तम अवसर होता है। होली पुराने गिले-शिकवे दूर करके प्रेम और आपसी भाईचारे को बढ़ाने का मौका होता है। होली से आठ दिन पहले होलाष्टक शुरू होता है। इसमें शुभ कार्य नहीं करते हैं। यह फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि से प्रारंभ होता है। फाल्गुन में विजया और आमलकी एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा और प्रदोष व्रत भी आते हैं। फाल्गुन के अंतिम दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन में आने वाले पर्व और व्रत सकारात्मक ऊर्जाओं से भरे होते हैं। इस माह में चन्द्रमा का जन्म भी हुआ था। फाल्गुन में चंद्र देव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, इससे मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।

क्या करें और क्या ना करें

तामसिक भोजन और मदिरा का सेवन न करें।

सामान्य पानी से स्नान करना श्रेष्ठकर है।

बड़े बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करें।

भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण समेत सभी देवी-देवताओं की पूजा करें।

28 फरवरी संकष्टी चतुर्थी

3 मार्च भानु सप्तमी

4 मार्च जानकी जयंती

6 मार्च विजया एकादशी

8 मार्च महाशिवरात्रि

10 मार्च फाल्गुन अमावस्या

12 मार्च फुलरा दूज

13 मार्च विनायक चतुर्थी

14 मार्च मीन संक्रांति

17 मार्च होलाष्टक शुरू

20 मार्च आमलकी एकादशी

22 मार्च प्रदोष व्रत

24 मार्च होलिका दहन

25 मार्च धुलंडी