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भीलवाड़ा यूआईटी में कार्रवाई से पहले फाइलें गायब, जानिए हकीकत

भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास ने नियम विरूद्ध निर्माण के एक मामले में तीन नोटिस थमाए, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा, संबंधित अधिकारी तहसीलदार का पद रिक्त होने की दुहाई देते हुए कार्यवाही करने से पल्ला झाड़ते रहे, दलालों के दबदबे के बीच नगर विकास न्यास में यह हालात बने हुए है। फाइलें गायब होने के एक दो नहीं वरन दो साल में एक दर्जन मामले सामने आ चुके है। Files missing before action in Bhilwara UIT, know the reality

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Files missing before action in Bhilwara UIT, know the reality

Files missing before action in Bhilwara UIT, know the reality

भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास ने नियम विरूद्ध निर्माण के एक मामले में तीन नोटिस थमाए, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा, संबंधित अधिकारी तहसीलदार का पद रिक्त होने की दुहाई देते हुए कार्यवाही करने से पल्ला झाड़ते रहे, इस पर कलक्टर ने तहसीलदार की नियुक्ति कर दी, लेकिन कार्यवाही का मौका आया तो अब संबंधित फाइल ही गायब है। दलालों के दबदबे के बीच नगर विकास न्यास में यह हालात बने हुए है। फाइलें गायब होने के एक दो नहीं वरन दो साल में एक दर्जन मामले सामने आ चुके है। Files missing before action in Bhilwara UIT, know the reality

नगर विकास न्यास में सालों से हटे संविदा कर्मियों के हटाने की कागजी कार्रवाई फाइलों में पूरी हो चुकी है, लेकिन न्यास के कामकाज का ढर्रा यहां दलालों व जनप्रतिनिधियों के ठेकेदार बनने से नहीं सुधर सका है। निर्माण कार्य, आवंटन, तकनीकी, नियमन व भुगतान संबंधित फाइलें कहां और किधर है, इसका रिकार्ड आज तक नहीं बन पाया है। जरूरत पडऩे पर अधिकारियों को भी फाइलों की तलाश करनी पड़ती है और संबंधित बाबूओं को भी डांट फटकार सुननी पड़ती है, इसके बावजूद न्यास की यह व्यवस्था सुधर नहीं पाई।


जानकारी के अनुसार बापूनगर नगर में ईएसआई होस्पिटल रोड स्थित १४ ए २७ में आवासीय से व्यवसायिक श्रेणी में तब्दील होने के बावजूद नियम विरूद्ध तरीके से निर्माण कार्य करने और सेट बेक नहीं छोडऩे की शिकायत जून माह में न्यास को मिली थी। न्यास ने एक के बाद एक नोटिस थमाए, लेकिन संबंधित अभियंता ने असरकारक कार्यवाही नहीं की। इस पर पांच सितम्बर को अधीक्षण अभियंता संजय माथुर ने इस मामले की जांच जोन के अधिशासी अभियंता महिपाल ढाका को सौंपी। कनिष्ठ अभियंता रोहन अजमेरा ने फिर मौका देखा, अवैध निर्माण व सेट बेक के लिए जगह नहीं छोड़े जाने की शिकायत प्रमाणिक हुई, लेकिन अधिकारियों ने न्यास में तहसीलदार का पद रिक्त होने की बात कहते हुए संबंधित भवन को ना तो सीज किया और ना ही अतिक्रमण हटाया।

तहसीलदार की हो गई नियुक्ति

शहर में बढ़ते अतिक्रमण की शिकायतों एवं प्रशासन शहरों के संग अभियान के मद्दे नजर जिला कलक्टर एवं न्यास प्रशासक शिव प्रसाद नकाते ने न्यास में तहसीलदार की नियुक्ति भी कर दी, लेकिन न्यास में व्याप्त गड़बड़झालों के हालात यह है कि विभागीय कार्यवाही का समय आया तो अब संबंधित फाइल ही नहीं मिल रही है। इस मामले में अब जिला कलक्टर को भी शिकायत की गई है।


एक दर्जन से अधिक फाइल गायब

न्यास के ही एक संवेदक ने निजी कॉलोनी में नियम विरूद्ध तरीके से सड़कों का निर्माण होने की शिकायत जिला कलक्टर को की थी, कलक्टर नकाते ने इसे गंभीरता से लिया, उन्होंने न्यास सचिव को संबंधित अभियंता के खिलाफ कार्र्यवाही के लिए निर्देशित किया, लेकिन संबंधित एक नहीं दो फाइल भी अब नहीं मिल रही है। इसी प्रकार विभिन्न शाखाओं व निर्माण कार्यों से जुड़ी एक दर्जन अधिक फाइलें गायब है, इनमें से कुछ फाइलें तो डुप्लीकेट दस्तावेजों से दोबारा बना ली जाती है, जबकि अन्य फाइलों की तलाश ही होती रहती है।

फाइल नहीं मिली तो थाने में देंगे रिपोर्ट

बापूनगर में नियम विरूद्ध तरीके से निर्माण कार्य की शिकायत की पुष्टि जांच में हुई है, संबंधित को कई बार नोटिस दिए जा चुके है, लेकिन उसने अवैध निर्माण नहीं हटाया है। तहसीलदार की मदद से अब प्रभावी कार्यवाही की जाएगी, संबंधित फाइल नहीं मिली तो पुलिस थाने में रिपोर्ट दी जाएगी।
संजय माथुर, अधीक्षण अभियंता, नगर विकास न्यास