भीलवाड़ा. शहर के कंट्रोल रूम के बाहर दीपावली पर लक्ष्मीजी की महाआरती से पहले सूचना केन्द्र पर आतिशबाजी हो गई। जबकि महाआरती के बाद प्रशासन की मौजूदी में आतिशबाजी की जानी थी, लेकिन निर्धारित समय से मात्र पांच मिनट देरी से आतिशबाजी होने से कलक्टर व अन्य अधिकारी को बीच रास्ते से पुन: लौटना पड़ा।
7.30 पर शुरू सांस्कृतिक कार्यक्रम
कंट्रोल रूम के बाहर महाआरती का कार्यक्रम शाम सात बजे के स्थान पर आधे घंटे देरी से यानी साढ़े सात बजे बाद शुरू हुआ। आरती से पहले नगर परिषद सभापति राकेश पाठक ने घोषणा की थी कि आरती के बाद सूचना केन्द्र भवन पर आतिशबाजी होगी। आरती आधे घंटे देरी से होने की सूचना आतिशबाजी करने वाले तक नहीं पहुंची और उन्होंने सवा सात बजे के स्थान पर 7.20 बजे आतिशबाजी शुरू कर दी। कलक्टर आशीष मोदी व अन्य अधिकारी जब पैदल चलकर सूचना केन्द्र की ओर जाने लगे तो उन्हें बताया कि आतिशबाजी हो गई। कलक्टर व अन्य अधिकारी नाराज होकर पुन: लौट गए। बताया गया कि जिस समय आतिशबाजी की गई थी मौके पर भीड़ भी नहीं थी। जबकि यह कार्यक्रम आमजन के लिए था।
न्यास सचिव के निर्देश पर आतिशबाजी
उद्यान अधीक्षक रफीक मोहम्मद का कहना है कि आतिशबाजी नगर विकास न्यास सचिव अजय आर्य के निर्देश पर की थी। समय की घोषणा पहले हो गई थी। उसके अनुसार 7.20 आतिशबाजी शुरू की गई थी। इसकी सूचना भी सचिव आर्य को दी थी। कार्यक्रम उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ही किया गया था।