
First aid kit will be mandatory in every school, inspection of each class after holidays is also necessary
झालावाड़ और जैसलमेर में हाल ही में हुए हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में फर्स्ट एड किट (प्राथमिक उपचार किट) अनिवार्य रूप से रखनी होगी। साथ ही शिक्षकों को भी फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि किसी भी आपातकाल में घायल छात्र को समय पर प्राथमिक उपचार मिल सके।
अधिकांश स्कूलों में नहीं उपचार की व्यवस्था
अधिकांश स्कूलों में प्राथमिक उपचार की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यदि किसी छात्र को चोट लग जाती है या वह बीमार हो जाता है, तो जिम्मेदारी परिजनों पर डाल दी जाती है। यह व्यवस्था कई बार बच्चों के लिए खतरनाक साबित होती है। राज्य के शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के बीच इस संबंध में समन्वय स्थापित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग राज्य के सभी स्कूलों की संख्या और जरूरतों की जानकारी समसा को देगा। इसके आधार पर फर्स्ट एड किट की आपूर्ति होगी। सरकार के निर्देशों के तहत अब स्कूल की छुट्टी होने के बाद संस्था प्रधान और संबंधित शिक्षकों को हर कक्षा, बरामदे, शौचालय आदि का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। इससे सुनिश्चित हो सके कि स्कूल परिसर में कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए।
Published on:
01 Aug 2025 09:30 am
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