
Five colonies stuck delimitation in bhilwara
भीलवाड़ा।
शहर के पटेलनगर विस्तार-2 की पांच कॉलोनियां परिसीमन के फेर में फंसी है। ये कॉलोनियां है-बालाजी नगर, अङ्क्षहसा विहार, अंजना विहार, श्रीजी विहार, तेजा विहार। नगर विकास न्यास की अनदेखी से इनका विकास अटक गया। बसावट के छह साल बाद भी यहां के करीब 60 हजार रहवासी सड़क, पानी व सफाई जैसी मूलभूत सुविधा को तरस रहे हैं। पत्रिका टीम ने क्षेत्र का जायजा लिया तो नागरिकों की पीड़ा सामने आई। कॉलोनीवासियों ने मांग की कि शहर की इस अहम योजना पर यूआईटी को काम शुरू करना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को रूचि दिखानी चाहिए।
इन पांचों कॉलोनियों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। झाड़-झंझाड़ ने घेर रखा है। गंदे पानी की निकासी का बंदोबस्त तक नहीं है। चंबल का पानी भीलवाड़ा शहर में काफी पहले पहुंच चुका लेकिन इन कॉलोनियों में पेयजल का व्यवस्था नहीं है। लोग हैंडपंप व टैंकरों के भरोसे हैं। वहीं ऐसे लोग भी हैं, जो यहां दो किमी दूर चंबल प्रोजेक्ट ऑफिस और अन्य इलाकों से पेयजल लाते हैं। कॉलोनियों के अधिकांश हैंडपंप खराब हो चुके हैं। शहर से यहां तक आने की सड़क ठीक है, लेकिन अंदर की रोड खस्ताहाल है।
हर कॉलोनी में अपनी समस्या
बालाजी विहार निवासी बलवंत ङ्क्षसह ने बताया कि कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या पानी की है। कॉलोनी का हैंडपंप लंबे अर्से से खराब है। हैंडपंप के चारों तरफ झाडिय़ां उग आई है। अभी तो लोग टैंकर डलवाकर काम चला रहे हैं।
पटेलनगर विस्तार-2 की निवासी नीलम जैन बोली, इन कॉलोनियों में आज तक सफाई नहीं हुई। हमें खुद ही सफाई करनी पड़ती है। कॉलोनी में नाम की नालियां बनी है, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। नालियों का पानी कॉलोनी के खाली प्लांटों में भरा रहता है।
पटेलनगर विस्तार के मनीष कुमार का कहना है कि कॉलोनी के अंदर की सड़कें क्षतिग्रस्त है। इन पर पैदल चलना तक मुश्किल है। बसावट के समय ही कॉलोनी में ग्रेवल सड़कें बनी, लेकिन आज तक डामर नहीं डाला गया।
अङ्क्षहसा विहार निवासी घनश्याम धाकड़ ने बताया कि रोड लाइटें नहीं होने से रात में यहां अंधेरा रहता है। इससे आए दिन चोरी की घटनाएं होती रहती है। लोग परेशान है। जन प्रतिनिधियों को कहकर थक गए लेकिन सुनवाई नहीं होती है।
बालाजी नगर के कैलाश माली का कहना है, पटेलनगर विस्तार में नाले किनारे की हाइ मास्ट लाइट नहीं जलती। यह शो-पीस बनकर रह गई। कॉलोनी में अवैध मिट्टी खनने से गहरा गड्ढा हो गया है। इसमें पानी भरा है। इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
160 फीट चौड़ी सड़क हो जाती है बंद
इन कॉलोनियों के बीच से निकल रही 160 फीट चौड़ी सड़क आगे जाकर बंद हो गई क्योंकि आगे की सड़क के लिए जमीन के अधिग्रहण व अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। यह सड़क शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। इसके पूरी होने पर पुर रोड से ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकेगा। भारी वाहनों को इस मार्ग से निकाला जा सकेगा।
ऑक्सीजन को तरसा 41 बीघा का हब
यूआईटी ने पटेलनगर विस्तार में गांधी वाटिका के नाम से शहर का दूसरा बड़ा ऑक्सीजन हब बनाने का दावा किया था। करीब 41 बीघा में वाटिका विकसित करने के लिए पौधे लगाकर इतिश्री कर ली लेकिन इनकी देखरेख नहीं की। लिहाजा सारे पौधे सूख गए या जानवर खा गए। अभी इस हब को खुद बाहर से ऑक्सीजन लेनी पड़ रही है।
Published on:
18 Nov 2022 09:18 pm
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