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तीन विभागों में फुटबॉल बन गया बसंत विहार

Football has become Basant Vihar in three departments बसंत विहार कॉलोनी का ए व एफ सेक्टर गुरुवार को भी बरसाती व गंदे पानी में डूबा रहा। नगर परिषद व नगर विकास न्यास तथा एमटीएम डवलपर्स के बीच फुटबाल बनने से कॉलोनी में कई हिस्सों में कीचड़ फैला रहा और सडांध ने लोगों को परेशान रखा।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

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Updated: 29 Jul 2021, 10:42 AM IST

Football has become Basant Vihar in three departments

Football has become Basant Vihar in three departments

भीलवाड़ा। बसंत विहार कॉलोनी का ए व एफ सेक्टर गुरुवार को भी बरसाती व गंदे पानी में डूबा रहा। नगर परिषद व नगर विकास न्यास तथा एमटीएम डवलपर्स के बीच फुटबाल बनने से कॉलोनी में कई हिस्सों में कीचड़ फैला रहा और सडांध ने लोगों को परेशान रखा। इधर, नगर परिषद सभापति राकेश पाठक व अधिशासी अभियंता अखेराम बडोदिया ने बुधवार को फिर मौका देखा, क्षेत्र के लोगों ने सेक्टर की बदहाल स्थिति बताई। यहां एमटीएम डवलपर्स के प्रतिनिधि सुशील डांगी व नगर विकास न्यास के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया, लेकिन वह आए ही नहीं । इधर, न्यास के उपनगर नियोजक अनुपम शर्मा ने बताया कि बसंत विहार कॉलोनी व एमटीएम के नक्शे व पुरानी फाइलें देख कर यहां की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।

एमटीएम के बीच से गुजर रहे बरसाती पानी के नाले का रास्ता रोक देने से बसंत विहार के निचले हिस्से तीन दिन से पानी व कीचड़ में डूबे हुए है। बुधवार को भी क्षेत्र के लोगों को परेशानी से निजात नहीं मिल सकी। क्षेत्र के लोगों के गुस्साने पर बुधवार दोपहर सभापति राकेश पाठक व अधिशासी अभियंता अखेराम बडोदिया मय स्वास्थ्य शाखा की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

यहां लोगों ने सभापति को घेर लिया और बताया कि वर्ष १९८५ से बसी कॉलोनी में पहले कभी इस प्रकार की पानी की निकासी की समस्या नहीं आई, लेकिन यहां एमटीएम में हो रहे आवासीय निर्माण व सड़क का लेबल उनकी कॉलोनी से कही अधिक ऊपर कर दिया गया है, इतना ही नहीं यहां से निकल रहे बरसाती नाले का मिलान पांडू के नाले में करने के बजाए बसंत विहार की तरफ कर दिया। इससे क्षेत्र के बरसात का पानी निचले हिस्से में आ रहा है। यहां गंदा पानी कई घरों में घुस गया है और सड़कों पर भी गड्डे व कीचड़ फैल है और दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे है। उनकी पीड़ा थी कि उनकी कॉलोनी की सुध कोई नहीं ले रहा है, यूआईटी भी पल्ला झाड़े है।

डवलपर्स नहीं आया, मिलने पहुंचे

सभापति पाठक ने डवलपर्स व न्यास अधिकारियों को मौके पर बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। इसके बाद पाठक एमटीएम सोसायटी गए और यहां डवलपर्स प्रतिनिधि सुशील डांगी से बातचीत की, यहां डांगी का कहना था कि उन्होंने यूआईटी द्वारा स्वीकृत नक्शे के आधार पर ही अपने निर्माण कार्य व सड़क का लेवल समीपवर्ती कॉलोनी से अधिक रखा है। डांगी का तर्क था कि यदि कॉलोनी की समस्या का समाधान करना है तो न्यास को वहा सड़क का लेवल एमटीएम कॉलोनी से ऊपर कर देना चाहिए।

यूआईटी अब खंगालेगी नक्शा
सभापति पाठक ने बाद में जिला कलक्टर शिव प्रसाद नकाते से भी मुलाकात की। नकाते ने इस पर न्यास के संबधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। पाठक ने पत्रिका को बताया कि बसंत विहार कॉलोनी नगर विकास न्यास ने स्थापित की है और एमटीएम का भूमि नामांतरण व ले आउट व नक्शा भी न्यास ने ही किया, ऐसे में न्यास की जिम्मेदारी बनती है कि वह बसंत विहार की समस्या का समाधान करें, उन्होंने कहा कि कॉलोनी की सफाई व्यवस्था उनकी टीम संभालेगी, लेकिन एमटीएम व बसंत विहार की रोड से रोड तथा नाली से नाली मिलाने से ही यहां की समस्या का स्थाई समाधान संभव है। इस संदर्भ में डवलपर्स के साथ ही न्यास को भी नोटिस दिया जा रहा है।