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भीलवाड़ा

अंतिम यात्रा भी कष्टदायक, नदी पार कर ले जाना पड़ता है शव

ग्रामीणों को अंतिम यात्रा ले जाने में भी कष्ट झेलना पड़ता है। हालात यह है कि मोक्षधाम पहुचंने के लिए नदी पार करनी पड़ती है।

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भीलवाड़ा।
आरजिया, केशवपुरा व आसपास गांव में मौत के बाद शोकग्रस्त ग्रामीणों को अंतिम यात्रा ले जाने में भी कष्ट झेलना पड़ता है। हालात यह है कि मोक्षधाम पहुचंने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। पानी भरा होने से कई बार बुजुर्ग व असक्षम लोग इस जोखिम से बचने के लिए अंतिम यात्रा को बीच राह छोड़ घर लौट जाते है। लम्बे समय से परेशानी झेल रहे ग्रामीणो की इस गंभीर समस्या का कोई समाधान नही हो पा रहा है।


जिले के आरजिया, केशवपुरा व आसपास से मोक्षधाम के मार्ग में नदी आती है। मोक्षधाम कोठारी नदी के दूसरे छोर पर है। इन गांवों से जब भी शवयात्रा निकलती है तो लोगों को कोठारी नदी पार कर जाना पड़ता है। नदी में करीब दो फीट पानी भरा है। लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। मंगलवार को केशवपुरा के तेली समाज के व्यक्ति की मौत पर शवयात्रा नदी के पानी से गुजरी।