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भरक माता गोशाला में 50 लाख की लागत से बनेगा गैस प्लांट

भीलवाड़ा. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में जिले में गोशाला स्तर पर गोबर धन परियोजना में सहाड़ा क्षेत्र की भरक माता गोशाला को चुना गया, जहां गोबर गैस प्लांट लगेगा।

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भरक माता गोशाला में 50 लाख की लागत से बनेगा गैस प्लांट

भरक माता गोशाला में 50 लाख की लागत से बनेगा गैस प्लांट

भीलवाड़ा. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में जिले में गोशाला स्तर पर गोबर धन परियोजना में सहाड़ा क्षेत्र की भरक माता गोशाला को चुना गया, जहां गोबर गैस प्लांट लगेगा। इस गोशाला में 576 से अधिक गोवंश है। प्लांट के लिए अधिकतम 50 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। यह जिले में गोबर धन योजना की पात्रता रखने वाली इकलौती गोशाला है, जिसके पास पर्याप्त पशुधन, भूमि व गोपालन विभाग में पंजीयन है। परियोजना के संचालन एवं रखरखाव के लिए गोशाला से एमओयू किया जाएगा।


जिला परिषद के अनुसार केन्द्र व राज्य सरकार की आर्थिक मदद से भरक माता गोशाला में गोबर गैस प्लांट पर करीब 50 लाख रुपए व्यय होंगे। लोगों को गैस के अलावा प्रतिदिन लगभग 700 किलो गोबर खाद भी मिलेगी।

केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना में गोशाला में प्लांट बना लोगों को गैस, खाद व रोजगार देने का प्लान है। पंचायती राज विभाग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत गोशाला में गोबर गैस प्लांट लगाए जा रहे हैं।
बायो गैस का उपयोग

बायो गैस में मीथेन (55 से 60 प्रतिशत), कार्बनडाईऑक्साइड (35 से 40 प्रतिशत) और अन्य गैस होती है। मुख्यतः इसका उपयोग खाना बनाने में होता है। इसके लिए सिंगल बर्नर व डबल बर्नर काम के लिए जाते हैं। इन चूल्हों में हवा की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए नियंत्रक होता है। इसे शुरू में बंद रखा जाता है। गैस खाना चपाती बनाने, रोशनी, डीजल एवं पेट्रोल ईंजन चलाने और बचे घोल का उपयोग रासायनिक खाद के रूप में किया जा सकता है।