पितलिया ने वर्ष २०१८ में भी पार्टी से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने टिकट रूपलाल जाट को दिया। पितलिया ने इस पर पार्टी में बगावत की और निर्दलीय चुनाव लड़े, ३०,५७३ वोट लाए, यहां भाजपा को सीट गंवानी पड़ी और कांग्रेस के कैलाश त्रिवेदी तीसरी बार चुनाव जीते, भाजपा ने बाद में पितलिया को पार्टी से निष्कासित कर दिया। लेकिन कोरोना संक्रमण काल में त्रिवेदी का असामयिक निधन हो गया। सहाड़ा उप चुनाव को देखते हुए भाजपा ने पितलिया को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया था।