7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भगवान व संस्कार कभी नहीं बदलने चाहिए-आदित्य सागर

भीलवाड़ा. दिगम्बर मुनि आदित्यसागर, अप्रमितसागर, सहजसागर महाराज का गुरुवार सुबह नया गांव बॉर्डर पर सकल दिगम्बर जैन समाज भीलवाडा ने भव्य स्वागत किया।

less than 1 minute read
Google source verification
भगवान व संस्कार कभी नहीं बदलने चाहिए-आदित्य सागर

भगवान व संस्कार कभी नहीं बदलने चाहिए-आदित्य सागर

भीलवाड़ा. दिगम्बर मुनि आदित्यसागर, अप्रमितसागर, सहजसागर महाराज का गुरुवार सुबह नया गांव बॉर्डर पर सकल दिगम्बर जैन समाज भीलवाडा ने भव्य स्वागत किया। नयागांव बॉर्डर से ढाई किमी तक मुनि संघ को बैण्ड, ढोल की थाप के साथ श्रद्धालु नाचते गाते पंडाल तक लाए। पंडाल में श्राविकाओं ने कलशों से अगवानी की। 24 थालियों में पाद पक्षालन किया। मुनि अप्रमित सागर के मंगलाचरण के बाद आदित्य सागर ने कहा कि काल के प्रभाव से जीवन में हर दम कुछ बदलता रहता है। दो चीज कभी नहीं बदलनी चाहिए। हमारे भगवान और संस्कार।


मुनि संघ के साथ मध्यप्रदेश के उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, नया गांव नगरपालिका चेयरमैन मुकेश जाट पैदल चले। जुलूस का नेतृत्व आरके कॉलोनी अध्यक्ष नरेश गोधा, सचिव अजय बाकलीवाल, सोहन लाल गंगवाल, हाउसिंग बोर्ड के राकेश पाटनी, चन्द्रशेखर आजादनगर के भैरुलाल बडजात्या, सुभाष नगर के अशोक जैन, बाहुबली वेलफेयर के सुरेन्द्र छाबड़ा कर रहे थे।

कल चित्तौड़गढ़ में प्रवेश
पार्श्वनाथ अध्यक्ष शांतिलाल बडजात्या, ट्रस्टी विजेन्द्र कुमार सेठी, नीमच जैन समाज के अध्यक्ष विजय कुमार विनायका का भीलवाडा जैन समाज ने मार्ग की व्यवस्थाओं के लिए सम्मान किया। दिगम्बर समाज निम्बाहेडा, चित्तौडगढ, जैन राजनीतिक चेतना मंच, जैन पत्रकार महासंघ व भीलवाडा के सभी मंदिरों के पदाधिकारियों ने मुनि संघ को श्रीफल भेंट किए। मुनि संघ शनिवार को चित्तौडगढ़ पहुंचेगा एवं 28 जून को भीलवाडा में प्रवेश होगा। 2 जुलाई को विद्यासागर वाटिका में चार्तुमास स्थापना होगी।