
थानों के वाहनों में लगा जीपीएस: फ र्जी लोकेशन नहीं दे पाएंगे अब पुलिसकर्मी, गश्ती दल नहीं बोल पाएगा झूठ
भीलवाड़ा।
गश्त पर जा रहे पुलिसकर्मी अब झूठ नहीं बोल पाएंगे। फर्जी लोकेशन देते ही पकड़े जाएंगे। यह सब होगा ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से निगरानी के कारण। पुलिस अधीक्षक योगेश यादव की पहल पर जिले के सभी थानों के वाहनों में जीपीएस लगा दिए हैं। इसी माह से सिस्टम काम शुरू कर देगा। इससे रात्रि गश्त और मजबूत होगी। पुलिस थानों की जीप और गश्ती दल चेतक में जीपीएस लगाए गए है।
आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश और रात्रि गश्त मजबूत करने के लिए जीपीएस लगाए हैं। इससे पुलिस अधिकारी वाहनों पर निगरानी रख सकेंगे। वारदात के बाद उसका सुबह रिकॉर्ड निकाला जा सकेगा। इससे पुलिसकर्मी लापरवाही नहीं कर सकेंगे। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए जरूरी हो गया
जिले में चोरियां और लूट की घटनाएं बढ़ रही है। अपराधी हावी हो रहे है। गश्त के बावजूद चोरों पर अंकुश नहीं लग पा रहा। इससे लोगों में पुलिस के कार्यप्रणाली के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। पुलिस अधिकारियों के पास अभी गश्ती दल पर निगरानी का कोई साधन नहीं है। जैसे वह कहते उसे मानना पड़ता है।
गश्त के नाम पर खानापूर्ति
अभी गश्त के नाम पर पुलिसकर्मी खानापूर्ति कर रहे हैं। थाने से गश्त के नाम पर निकल जाते है लेकिन जलपान की दुकान या सुनसान इलाके में गाड़ी लगा आराम रहते हैं। रात को कंट्रोल रूम लोकेशन मांगता है तो झूठी लोकेशन देकर इतिश्री कर लेते है। दूसरी ओर पता चलता है कि गश्त के बावजूद वारदात हो गई। उस जगह गश्ती पुलिस दल मौजूद था।
इनका कहना है
जिले के सभी थाना पुलिस के वाहनों में जीपीएस लग चुका है। इनकी तकनीकी खामी दूर किया जा रहा है। जल्द ही जीपीएस काम शुरू कर देगा। इससे रात्रि गश्त पर निगरानी रखी जा सकेगी। अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग कर सकेंगे। -योगेश यादव, पुलिस अधीक्षक
Published on:
08 Feb 2019 02:44 am
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