8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिनभर कड़ा अभ्यास, फिर सांस्कृतिक संध्या खास

भीलवाड़ा में राष्ट्र सेवा का सपना संजोये युवा और बच्चे एनसीसी के मध्यम से अग्निवीर बनने को तैयार हो रहे है। कोई दौड़ लगा रहा है तो, कोई लीडर की क्लास में बैठा है। कोई हथियार चलाने में व्यस्त है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Suresh Jain

•

Updated: 22 Jul 2022, 9:02 AM IST

दिनभर कड़ा अभ्यास, फिर सांस्कृतिक संध्या खास

दिनभर कड़ा अभ्यास, फिर सांस्कृतिक संध्या खास

भीलवाड़ा में राष्ट्र सेवा का सपना संजोये युवा और बच्चे एनसीसी के मध्यम से अग्निवीर बनने को तैयार हो रहे है। कोई दौड़ लगा रहा है तो, कोई लीडर की क्लास में बैठा है। कोई हथियार चलाने में व्यस्त है। यह नजारा पांसल स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में देखने को मिल रहा है। यहां 500 छात्राओं को हथियार चलाना सिखाया जा रहा है। उन्हें सेना के ट्रेंड अधिकारी हथियार चलाने का गुर सीखा रहे है।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का 10 दिवसीय दिन रात के इस शिविर के दौरान कैंप में छात्र रहते हुए सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। इसमें शहर के विद्यालयों से लेकर कालेज की एनसीसी की कैडेट भाग ले रहे हे। शिविर का समापन 24 जुलाई को होगा। इसके अलावा खेल, पीटी करवाने से लेकर कैडेट को अनुशासन और व्यक्तित्व विकास के गुर भी सीखाएं जा रहे है। राजनेता व सैन्य लीडर में क्या अन्तर होता है का पाठ भी सिखाया जा रहा है। एनसीसी में रहते हुए देश के लिए क्या कर सकते है। इसकी जानकारी दी जा रही है। कठोर प्रशिक्षण के बीच रात को सभी अधिकारी छात्रों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेते है। ताकि कोई भी छात्र परेशान न हो। सुबह से लेकर रात 10 बजे तक चलने वाले इस शिविर में हर तरह का पाठ पढ़ाया जा रहा है।

लेफ्टिनेंट कर्नल ताजिन्दर शर्मा ने बताया कि एनसीसी कैडेट को हथियारों का रख रखाव करना और फायरिग रेंज के नियमों के बारे में बताया। कैडेटों ने फायरिग का अभ्यास किया। दुर्गम इलाकों में नक्शे के सहारे सही रास्ता चुनना और गणतव्य तक पहुंचने के तरीके के बारे में सूबेदार ने बताया। नेतृत्व के बारे में, प्राथमिक उपचार के बारे में, हथियार खोलने व बंद करने के बारे में ने जानकारी दी जा रही है। ड्रील के बारे में नायाब सूबेदार कैडेट को जानकारी दे रहे है।
दस दिवसीय शिविर के लिए एसटेक स्कूल का ही चयन क्यों किया गया के सवाल पर लेफ्टिनेंट कर्नल ताजिन्दर शर्मा ने बताया कि एनसीसी परिसर में सुविधा का अभाव है। वहां टॉयलेट तक की सुविधा नहीं है। प्रशिक्षण के लिए कई सुविधा चाहिए। इसके लिए जिला कलक्टर को भी दो बार पत्र लिखा गया, लेकिन कलक्टर की ओर से किसी तरह का जवाब भी नहीं मिला।
किस तरह का प्रशिक्षण देते है
एसटेक स्कूल के निदेशक केसी तोतला ने बताया कि यहां छात्रों को एनसीसी की ट्रेनिंग सैनिक करवाते हैं। एनसीसी में शारीरिक प्रशिक्षण के अलावा सिंगिंग, डांसिंग और एक्टिंग जैसी अन्य ट्रेनिंग दी जाती है। एनसीसी छात्राओं को सैनिक प्रशिक्षण देती है। सैन्य प्रशिक्षण के साथ ही अनुशासन और नेतृत्व का प्रशिक्षण सूबेदार यशपाल शर्मा, सूबेदार अवतार सिंह, डाटा साइंटिस्ट राघव तोतला के मार्गदर्शन में ले रहे है। बच्चे आर्मी ट्रेनिग के साथ ,बंकर बनाना, राइफल शूटिंग, टेंट लगाना तथा प्रकृति की विषम परिस्थितियों में रहना सीखा रहे है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस ज्येष्ठा मैत्री व बनेड़ा एसडीएम अंशुल सिंह ने शिविर का अवलोकन किया।