
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) भीलवाड़ा में हवाला कारोबार को लेकर लंबे समय से निगरानी कर रहा था। सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले मिले नागालैण्ड के हथियार के बाद से जयपुर एटीएस की नजर भीलवाड़ा पर है।
भीलवाड़ा।
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) भीलवाड़ा में हवाला कारोबार को लेकर लंबे समय से निगरानी कर रहा था। सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले मिले नागालैण्ड के हथियार के बाद से जयपुर एटीएस की नजर भीलवाड़ा पर है। एटीएस अधिकारियों का कहना है कि भीलवाड़ा में कुछ लोगों के पास नगालैण्ड से हथियार लाइसेंस बने हैं।
एटीएस एसपी विकास कुमार ने बताया कि आतंक को अंजाम देने के लिए करोड़ों रुपए की तस्करी के खुलासे के लिए दो माह से ऑपरेशन कुबेर चला रखा था। काफी समय से इनके तार जोडऩे का काम कर रहे थे। पकड़ी राशि भी दिल्ली से अमहदाबाद तक पहुंचाई जानी थी, लेकिन सेन्टर भीलवाड़ा बना रखा है। टेरर फंडिंग को लेकर एटीएस के राडार पर कई लोग थे। इसमें भीलवाड़ा के कुछ लोग शामिल हो सकते है।
इसकी जानकारी के लिए दोपहर बाद वे स्वयं भीलवाड़ा पहुंचे तथा शाम को उदयपुर रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर दिल्ली से कूरियर का पीछा किया जा रहा था। इसे जयपुर के शाहपुरा टोल नाके पर आयकर टीम के साथ रोका और बस में आरोपी को पकड़ लिया। पकड़ी राशि में दो हजार के तीन करोड़ और पांच सौ के एक करोड़ रुपए में यह राशि एक बैग में थी।
बनवारी से पूछताछ में सामने आया कि यह राशि उसे राजस्थान के रास्ते अहमदाबाद पहुंचानी थी। राशि दिल्ली से लाया है। एटीएस पूछताछ कर रही है कि ये राशि कहां और किसने दी है। बनवारी पहले भी यह काम करता था। उस पर कई दिनों से नजर थी।
कूरियर के पीछे भी कूरियर
आयकर विभाग के भीलवाड़ा पहुंचने से पहले पार्षद लुत्फी और व्यापारी के फरार हो जाने से माना जा रहा है कि जयपुर में हवाला राशि पकड़ में आते ही दोनों को भनक लग गई थी।
दो मकानों का निर्माण
पार्षद फजले रऊफ उर्फ लुत्फी के हुसैन कॉलोनी व सोलंकी टाकीज के पास निर्माणाधीन मकानों को लेकर शहर में खासी चर्चा है। आयकर कार्रवाई देखने के लिए दिन भर लोगों का तांता लगा रहा। सोशल मीडिया पर खबरें चलती रही। मकानों के बाहर पुलिस तैनात थी, ताकि कोई मकान में प्रवेश नहीं कर सके।
पांच जिलों की टीम, चार जगह छापे
भीलवाड़ा पांचों जिलों की टीमें सुबह आठ भीलवाड़ा पहुंची। एक साथ चार जगह छापे मारे। बाजार नम्बर दो के मोहन ब्रोकर एजेंसी व हरिओम एजेंसी पर टीजी ट्यूर एंड ट्रॉवेल्स का बोर्ड लगा हुआ है। इसमें दीपक, लुत्फी व मोहित का नाम लिखा है। मोहित को पाट्र्नर बताया जा रहा है। पार्षद के हुसैन कॉलोनी के किराए के मकान पर ताला मिला। व्यापारी की दुकान रिश्तेदारों की मौजूदगी में ताले खोले।
जहां कुछ नहीं मिला। पार्षद का मकान सील कर दिया। आयकर टीम ने दाल व्यापारी के सिन्धुनगर स्थित आवास तथा पार्षद के सोलंकी टाकीज के पास स्थित पैतृक मकान पर कार्रवाई की। यहां टीम को जांच में विशेष कागजात नहीं मिले, लेकिन हथियार के बारे में जानकारी मिली है। यह हथियार लाइसेंसी है या अवैध। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। एटीएस के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार खुद भीलवाड़ा पहुंचे और मामले की पड़ताल की।
Published on:
30 Mar 2018 11:44 am
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