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हाईकोर्ट का आदेश, फिर भी नही मिली ज्वाइनिंग

भीलवाड़ा नगर विकास न्यास में एपीओ आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश लेकर लौटे अधीक्षण अभियंता संजय माथुर को ज्वाइनिंग की अनुमति नहीं मिली। इस पर उन्होंने खुद ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कार्यभार ग्रहण कर लिया।

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High Court order, still did not get joining

High Court order, still did not get joining

भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास में एपीओ आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश लेकर लौटे अधीक्षण अभियंता संजय माथुर को ज्वाइनिंग की अनुमति नहीं मिली। इस पर उन्होंने खुद ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कार्यभार ग्रहण कर लिया।


नगर विकास न्यास के अधीक्षण अभियंता संजय माथुर को छह जुलाई को एपीओ करने के आदेश पर राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने बुधवार को रोक लगा दी थी । माथुर आदेश लेकर न्यास पहुंचे, लेकिन कार्य वाहक सचिव महिपाल सिंह ने माथुर की ज्वाइनिंग नहीं ली और आदेश की पत्रावली कलक्ट्रेट के उप विधि परामर्शदात्री को विधिक राय के लिए फाइल भिजवा दी, लेकिन उप विधि परामर्शदात्री ने निर्णय न्यास सचिव पर ही छोड़ दिया। इसके बाद न्यास सचिव ने इस मामले में फाइल मार्ग दर्शन के लिए जयपुर यूडीएच भिजवा दी। न्यास सचिव की तरफ से ज्वाइंनिग नहीं मिलने पर माथुर ने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कार्यभार संभालने का प्रार्थना पेश कर स्वयं ही कार्यभार संभाल लिया।

कोर्ट के आदेश की पालना हो

माथुर के अनुसार उच्च न्यायालय ने नगरीय विकास विभाग द्वारा उन्हें एपीओ करने के आदेश पर रोक लगाते दी है। आदेश के अनुसार पूर्व की स्थिति बरकार की गई है। ऐसे में उच्च न्यायालय के आदेश की पालना की जानी चाहिए थी। दूसरी तरफ माथुर के एपीओ करने के अगले ही दिन जोधपुर से अधीक्षण अभियंता करण राज जीनगर ने काम संभाल लिया था। ऐसे में न्यास में अब दो अधीक्षण अभियंता हो गए है। कार्यवाहक न्यास सचिव महिपाल सिंह के अनुसार इस संदर्भ में यूडीएच से भी परामर्श लिया जा रहा है।