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भीलवाड़ा

इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा-आकान्त

भीलवाड़ा . अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 58वां प्रांत अधिवेशन मंगलवार को विजयसिंह पथिक नगर स्थित अग्रवाल भवन के पास पाराशर वाटिका (केसरी सिंह बारहठ नगर) में शुरू हुआ।

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भीलवाड़ा . अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 58वां प्रांत अधिवेशन मंगलवार को विजयसिंह पथिक नगर स्थित अग्रवाल भवन के पास पाराशर वाटिका (केसरी सिंह बारहठ नगर) में शुरू हुआ। तीन दिवसीय शिविर में एबीवीपी के राष्ट्रीय सह सगठनमंत्री प्रफुल आकान्त ने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। आजादी के 75 साल बाद भी मानगढ़ का नाम नहीं था, जबकि वहां हजारों लोगों ने आजादी के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की, जिस पर राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही है। आकान्त बीच-बीच में परिषद कार्यकर्ताओं को जोश दिलाने के लिए भारत माता की जय व वन्देमातरम के नारे लगवा रहे थे।

 

पापा की परी नहीं, शेरनी बने बेटियां-फोगाट
भारतीय पहलवान बबीता फोगाट ने राम-राम से संबोधन की शुरुआत की। फोगाट ने कहा, युवाओं को नशा ही करना है तो तिरंगे का करना चाहिए। उन्होंने कहा कि घर से बाहर जाने व कपड़े पहनने की आजादी है, लेकिन आजादी का असली मतलब अपने पैरों पर खड़े होना है। राष्ट्र निर्माण में हर लड़की अपने साथ एक लड़की को जोड़े। खेल में भी ऐसा ही करे। घर से निकलते समय कोई कुछ करे तो पहले कुछ मत बोलो और फिर उसे छोड़ो मत। युवाओं को सोच बदलने की जरूरत है। कुछ युवा अफजल व कसाब को प्रेरणास्त्रोत मानते हैं, जो दुख की बात है। सनातन धर्म किसी का बनाया नहीं है। यह सूरज-चांद के समय से चलता आ रहा है। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमत्री अमित शाह दौड़ा रहे हैं। युवाओं में विजन होना चाहिए। विजन नहीं होगा तो राहुल गांधी की तरह बोलते रहेंगे। लड़किया पापा की परी न बनकर शेरनी बने।

ज्ञान, शील व एकता में समाई है भारतीय संस्कृति
रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य रामदयाल महाराज ने नारे से युवक-युवतियों में जोश भरा। कहा कि ज्ञान, शील व एकता में भारतीय संस्कृति समाई है। ज्ञान साधु-संत बांट रहे हैं। शील की प्रयाय बबीता फोगाट है तो एकता एबीवीपी है। कोई भी हमारी संस्कृति से छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। उन्होंने लड़कियों से फूल नहीं चिंगारी है, हम भारत की नारी के नारे लगवाए। आचार्य ने कहा कि अमरीका की पहचान धन हो सकती है, लेकिन भारत की पहचान धर्म, संस्कृति ओर चरित्र से है।

अधिवेशन के स्वागत समिति अध्यक्ष त्रिलोक चंद छाबड़ा, सचिव लक्ष्मीनारायण डाड, प्रांत मंत्री हर्षित ननोमा, प्रांत अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रशांतसिंह परमार, मंत्री हर्षित शर्मा उपस्थित थे।
प्रदर्शनी में भारतीय संस्कृति की झलक
इससे पहले सुबह मीरा बाई प्रदर्शनी का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यकारणी सदस्य नंदलाल, महंत हंसराज उदासीन, विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी, महानगर अध्यक्ष प्रशांत सिंह परमार, महानगर मंत्री हर्षित शर्मा ने किया। ध्वजारोहण प्रांत अध्यक्ष पीयूष भदविया, प्रांत मंत्री गुंजन झाला ने किया। इसमें भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।