
तीन श्रेणियों में बांटना होगा अस्पतालों को
सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
राज्य सरकार ने नाराजगी जताते हुए जिला कलक्टरों से कहा कि उनके यहां कोविड प्रबन्धन को लेकर तीन प्रकार से अस्पतालों का वर्गीकरण नहीं किया गया है, एेसे में तत्काल नियमानुसार वर्गीकरण कर इसके अनुसार अस्पतालों में मरीजों को रखा जाए। चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने इस बारे में आदेश जारी किए है।
आदेश के अनुसार डेडिकेटेड कोविड अस्पताल (डीसीएच)- यहां केवल गंभीर रूप से संक्रमित रोगियों का उपचार किया जा रहा है, इन चिकित्सालयों में पर्याप्त संख्या में सामान्य, ऑक्सीजन युक्त, आईसीयू पलंग व वेंटीलेटर युक्त आईसीयू पलंग पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए।
- डेडिकेटेड कोविड हैल्थ सेंटर्स (डीसीएचसी)- इन चिकित्सालयों में कोविड १९ से संक्रमित मॉडरेट रोगियों का उपचार होना चाहिए। इनमें पर्याप्त मात्रा में सामान्य, ऑक्सीजन युक्त व आईसीयू पलंग पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए।
- डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर्स (डीसीसीसी)- इन केन्द्रों में केवल कोविड १९ से माइल्ड व वेरी माइल्ड व कोविड संदिग्ध रोगियों का उपचार किया जा रहा है। इनमें छात्रावास, होटल, विद्यालय, भवनों में स्थापित किए गए हैं। इन केन्द्रों में संदिग्ध व संक्रमित रोगियों का पृथक-पृथक रूप से रखकर जरूरी उपचार किया जाना चाहिए।
भीलवाड़ा में यह है स्थिति
शहर के ३ चिकित्सालयों को भले ही तीनों श्रेणियों को बांटा गया है, लेकिन यहां पलंगों की भारी कमी है। जरूरत के अनुसार पर्याप्त पलंग उपलब्ध नही हैं। किसी भी अस्पताल में पलंग तक खाली नही है। यही हाल प्रदेश के अधिकांश जिलों के हैं।
भीलवाड़ा में इन अस्पतालों में हो रहा उपचार
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल, केसर बाई सोनी हॉस्पिटल, अरिहन्त हॉस्पिटल, बृजेश बांगड़ हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल, केशव पोरवाल हॉस्पिटल, रामस्नेही चिकित्सालय, श्री सिद्धी विनायक हॉस्पिटल, स्वास्तिक हॉस्पिटल, भीलवाड़ा मल्टिस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, श्रीराम हॉस्पिटल, अम्बेश हॉस्पिटल, आयुष चिकित्सालय में कोरोना से संक्रमित रोगियों का उपचार किया जा रहा है। अम्बेश व आयुष में सामान्य ऑक्सीजन वाले मरीज को भर्ती किया जा रहा है या फिर महात्मा गांधी चिकित्सालय से इन दोनों अस्पताल में मरीजों को भेजा जा रहा है।
Published on:
24 Apr 2021 08:15 am
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