प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत अब शहरी क्षेत्र अथवा कस्बों में शामिल राजस्व गांवों की कृषि भूमि पर बने मकानों के भी पट्टे दिए जा सकेंगे। इस भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में संबंधित नगरीय निकाय के नाम आबादी भूमि के रूप में दर्ज किया जाएगा। लेकिन, शर्त यह है कि ऐसी कृषि भूमि पर मास्टर प्लान अधिसूचित होने, नगरपालिका बनने से पहले अथवा 31 दिसंबर, 2021 से पहले निर्माण हो चुका हो। इसके लिए राज्य सरकार ने नियमों में छूट दी है।