
If relatives ask for money on Facebook, please find out, ID is hacked
केस-१
आरसी व्यास निवासी गिरिराज लढ़ा के मोबाइल में नामचीन एप पर गाड़ी बेचने का एक विज्ञापन आया। कार बेचने की सस्ती रेट दे रखी थी। गिरिराज ने फ ोन किया तो नारायण नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि वे इंडियन एयरफ ोर्स में हैं और उदयपुर डबोक एयरपोर्ट पर तैनात है। उसका तबादला हो गया इसलिए गाड़ी जल्दी बेचनी है। गाड़ी की डील फ ाइनल हुई तो बताया कि पहले आधार कार्ड भेजो और पांच हजार रुपए खाते में डाल दो। वे शाम तक आपके पते पर गाड़ी भेज देंगे। हालांकि गिरिराज ने पांच हजार रुपए नहीं दिए तो बाद में फ ोन काट दिया।
केस-२
एडवोकेट शिवलाल शर्मा की फेसबुक मैंसेजर पर किसी ने वकील कॉलोनी निवासी अरविंद जैन को मैसेज किया। वकील ने खुद को बीमार बताते हुए 30 हजार की मांग की। जैन ने कहा वे ऑनलाइन नहीं दे सकते हैं। पैसे चाहिए तो वे अस्पताल में आकर दे देंगे। ज्यादा पूछताछ करने पर ठगी करने वालों ने चेटिंग बंद कर दी। एडवोकेट शर्मा ने कहा कि उनके पास इस तरह के कई लोगों के फ ोन आ रहे हैं। इसी तरह मांडल चौराहा निवासी पारस जैन के मोबाइल पर दामोदर तोतला के नाम से मैंसेजर से चेटिंग कर पैसे मांगे गए।
भीलवाड़ा. आप फेसबुक चलाते हैं या ऑनलाइन खरीददारी करते हैं तो यह खबर जरूर पढ़ ले। हैरान करने वाली बात है कि अब फेसबुक पर ठगी करने का तरीका खोजते हुए आईडी को हैक किया जा रहा है। इसके बाद उसी आईडी से आपके नाम से ही फ्रेंडलिस्ट में से किसी एक को मैंसेजर से चेटिंग कर नकद पैसे मांगे जा रहे। इसमें पैसे मांगने का कारण दुर्घटना या गंभीर बीमारी बताई जाती है। राशि भी दो हजार से 30 हजार रुपए तक मांग रहे हैं। ऐसे में यदि आप से भी फेसबुक के जरिए कोई ऑनलाइन राशि जमा करने को कहे तो पहले पहले आपके फेसबुक मित्र से फ ोन पर बात जरूर कर ले। दरअसलए, ठगी करने वाले लोग फेसबुक आईडी को हैक कर रहे हैं। पिछले दो माह में इस तरह के १४ मामले सामने आए है। कई ठगे जा चुके तो कुछ सावधानी से बच गए। शहर में बुधवार को एसटेक के दामोदर तोतला तथा एडवोकेट शिवलाल शर्मा की फेसबुक आईडी हैक कर ली। इसके बाद इनके नाम से दोस्तों से पैसे मांगे गए। लोगों को यकीन नहीं हुआ तो फ ोन लगाकर पूछा। उन्होंने बताया कि उनकी फेसबुक आईडी हैक हो गई है।
सबूत नहीं तो पुलिस भी नहीं कर पाती कार्रवाई
ऑनलाइन ठगी करने वाले कोई सबूत नहीं छोड़ते। जिस नम्बर से मैसेज भेजे जाते वह फर्जी आइडी से होता है। फर्जी तरीके से खुलवाए गए बैंक खाते को किराए पर लेकर उसमें राशि मंगवाते है। पुलिस खाते के आधार पर सम्बंधित व्यक्ति के पास पहुंचती है तो उसका कोइ्र लेनदेना ही नहीं होता। उसके नाम से बैंक खाते से कोई और ही लेनदेन कर रहा होता है। हाल ही में कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े नाइजेरिया गैंग के खुलासे से इस तरह की ऑनलाइन जालसाजी की परत खुल चुकी है। उधर, साइबर अपराध से निपटने भी पुलिस सक्षम नहीं होता। इसका कारण पुलिस के पास साइबर विशेषज्ञ नहीं होते।
यह बरते सावधानी
- मैसेज भेजकर ठगी करने वाले की बातों में नहीं आए
- सम्बंधित व्यक्ति से फोन पर बात जरूर करें
- किसी को अपने एटीएम का पासवर्ड नहीं बताए
- ना ही किसी को बैंक खाते और आधार की डिटेल देवे
- बैंक कभी भी अपने ग्राहक से इस तरह की जानकारी फोन पर नहीं मांगती
ऐसे भी हो रही है ठगी
आपकी सोशल साइट को ही हैंग नहीं किया जा रहा बल्कि ऑनलाइन ठगी के अन्य तरीके से भी जालसाजी हो रही। बैंक प्रतिनिधि बताकर एटीएम पासवर्ड पूछकर खाते से राशि निकाल रहे तो बैंक खाते की डिटेल लेकर ऑनलाइन खरीदारी की जा रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
साइबर अपराध से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। किसी को अपने बैंक खाते की डिटेल ना बताए। ना ही एटीएम पासवर्ड की जानकारी दे। सोशल साइट को हैंग करके पैसे मांगने पर सम्बंधित व्यक्ति से बात जरूर करें। ठगी का पता चलते ही पुलिस को तत्काल जानकारी देवे।
- हरेन्द्र महावर, पुलिस अधीक्षक
Published on:
30 Dec 2019 12:17 pm
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