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ईरान-इजरायल जंग के साए में भीलवाड़ा की 6 जिंदगियां, होटल की बालकनी से दिख रही ‘मौत’, घर में नहीं जला चूल्हा

भीलवाड़ा का एक परिवार दुबई में युद्ध जैसे हालात के बीच फंस गया है। 23 फरवरी को घूमने गए छह युवक-युवतियां बुर्ज खलीफा के पास होटल में रुके हैं। मिसाइल धमाकों से दहशत में परिवार 7 मार्च की फ्लाइट से वतन वापसी की उम्मीद लगाए है।

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Iran Israel war Bhilwara Family Stranded Near Burj Khalifa Amid Missile Scare Await Evacuation Flight

दुबई के होटल में अटका परिवार (फोटो- पत्रिका)

भीलवाड़ा: होली की छुट्टियों में दुबई की चकाचौंध देखने गए भीलवाड़ा के एक परिवार के लिए यह सफर अब जिंदगी का सबसे डरावना सपना बन गया है। जिन आंखों में सुनहरे सफर के सपने थे, वे आज खौफ के साए में रातें गुजार रही हैं।

वीर सावरकर चौक से उमंगों के साथ उड़ान भरने वाले छह युवा अब बुर्ज खलीफा के पास एक होटल के कमरे में कैद हैं। बाहर मिसाइलों की गड़गड़ाहट है और भीतर अपने वतन लौटने की तड़प।

होटल की बालकनी से मौत का मंजर

पेशे से इंजीनियर आदित्य सोमाणी जब दुबई से फोन पर अपने परिवार से बात करते हैं, तो उनकी आवाज का कंपन मीलों दूर भीलवाड़ा में साफ महसूस होता है। 23 फरवरी को आदित्य अपने परिवार के पांच अन्य सदस्यों सुचिता सोमाणी, रौनक बाहेती, नवीन देवपुरा, साक्षी सोनी और आस्था पगारिया के साथ छुट्टियां मनाने गए थे।

तय कार्यक्रम के अनुसार, 2 मार्च को उनकी वापसी थी। लेकिन इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच भड़की युद्ध की आग ने सब कुछ रोक दिया। आदित्य रुंधे गले से बताते हैं, हम बुर्ज खलीफा के पास रुके हैं। अचानक आसमान मिसाइलों और धमाकों से थर्रा उठा।

हम अपनी बालकनी से देख पा रहे हैं कि कैसे आसमान में हवाई हमलों को नाकाम किया जा रहा है। हर धमाके के साथ हमारा दिल बैठ जाता है। रातों की नींद उड़ चुकी है, बस किसी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं।

यहां टीवी पर टिकी आंखें, भगवान के सामने जल रही अखंड ज्योत

सात समंदर पार बच्चों की इस दहशत का सीधा असर भीलवाड़ा के वीर सावरकर चौक स्थित दिनेश सोमाणी के घर पर दिख रहा है। घर में एक खौफनाक सन्नाटा पसरा है, जो सिर्फ आदित्य की दादी के सिसकने की आवाज से टूटता है।

घर में चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है। पूरे परिवार की नजरें टीवी स्क्रीन की ब्रेकिंग न्यूज और मोबाइल फोन पर टिकी हैं। भगवान के सामने अखंड ज्योत जलाई गई है और हर कोई बस इन बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहा है।

उम्मीदों और प्रार्थनाओं के बीच फंसी जिंदगी

युद्ध की इस विभीषिका ने हवाई यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया है। उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं। सोमाणी परिवार अब 7 मार्च की फ्लाइट से एक धुंधली सी उम्मीद लगाए बैठा है। बच्चों की इस बेबसी से तड़प रहे पिता दिनेश सोमाणी ने बुधवार को भीलवाड़ा के सांसद दामोदर अग्रवाल से भी मुलाकात की और सरकार से मदद की गुहार लगाई।

फिलहाल, एक ओर भू-राजनीतिक संघर्ष का तनाव है और दूसरी ओर एक परिवार की अपने बच्चों को गले लगाने की तड़प। भीलवाड़ा का यह घर अब बस उस पल का इंतजार कर रहा है, जब उनके बच्चे इस बारूद के साए से निकलकर सुरक्षित अपनी सरजमीं पर कदम रखेंगे।