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दो हजार यूनिट फ्री बिजली चाहिए तो लगाना पड़ेगा किसानों को मीटर

राज्य सरकार ने किसानों को मासिक दो हजार यूनिट बिजली फ्री देने की घोषणा की, लेकिन शत-प्रतिशत काश्तकारों को योजना का लाभ मिलने में संशय है। असल में बड़ी संख्या में किसानों के खेेतों पर मीटर नहीं लगे हैं। इनके कनेक्शन फ्लेट रेट पर हैं। विद्युत वितरण निगम फिक्स शुल्क ले रहा है। मीटर नहीं होने के कारण हर माह दो हजार यूनिट का आंकलन मुश्किल है। इस योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को कृषि कनेक्शन पर मीटर लगाने होंगे।

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दो हजार यूनिट फ्री बिजली चाहिए तो लगाना पड़ेगा किसानों को मीटर

दो हजार यूनिट फ्री बिजली चाहिए तो लगाना पड़ेगा किसानों को मीटर

राज्य सरकार ने किसानों को मासिक दो हजार यूनिट बिजली फ्री देने की घोषणा की, लेकिन शत-प्रतिशत काश्तकारों को योजना का लाभ मिलने में संशय है। असल में बड़ी संख्या में किसानों के खेेतों पर मीटर नहीं लगे हैं। इनके कनेक्शन फ्लेट रेट पर हैं। विद्युत वितरण निगम फिक्स शुल्क ले रहा है। मीटर नहीं होने के कारण हर माह दो हजार यूनिट का आंकलन मुश्किल है। इस योजना का फायदा लेने के लिए किसानों को कृषि कनेक्शन पर मीटर लगाने होंगे।


ऐसे में फिक्स रेट से हटकर मीटर लगाना होगा, जिसमें 2000 से अधिक यूनिट होते ही बिल ज्यादा आने का अंदेशा है। जानकारों की मानें तो फिक्स राशि जमा करवाने में ही फायदा है क्योंकि इसके बाद यूनिट इस्तेमाल करने की सीमा का ध्यान नहीं रखना पड़ता। राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को मासिक 100 यूनिट बिजली फ्री देने की घोषणा की। असल में इसका फायदा तभी मिल सकता है, जब प्रतिदिन करीब 3.3 यूनिट से कम बिजली की खपत हो। वहीं हर घर में अमूमन दो लाइट, एक पंखा और एक फ्रिज चलता ही है। पंखा यदि दस घंटे भी चले तो एक यूनिट खर्च होता है। फ्रिज में एक दिन में तीन यूनिट बिजली की खपत होती है। ऐसे में तीस दिन में न्यूनतम 120 यूनिट खर्च होते ही है। कई बाद मीटर रीडिंग का काम तीस से पैंतीस दिन में होता है। ऐसे में मीटर सौ से ज्यादा यूनिट की रीडिंग बताएगा। इन स्थितियों में उपभोक्ताओं को सौ यूनिट बिजली फ्री मिलने के बजाय सरकार से तय अनुदान ही मिल पाएगा। हालांकि इसके पीछे तर्क दिए जा रहे हैं कि भले ही हर माह डेढ सौ यूनिट खर्च हो जाए, लेकिन उस पर अनुदान इतना मिलेगा कि 100 यूनिट की भरपाई हो जाएगी। धरातल पर ऐसा हो पाना संभव नहीं लग रहा। जानकारों का कहना है कि गर्मी में यह फायदा कम ही लोगों को मिल पाएगा। घरों में दिन-रात कूलर चलेंगे। हालांकि सर्दी में बिजली की खपत कम होने से यह फायदा ज्यादा उपभोक्ताओं को मिल सकता है।

अभी इतना मिल रहा है अनुदान
वर्तमान में पचास यूनिट से ज्यादा और डेढ सौ यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को राज्य सरकार तीन रुपए प्रति यूनिट का अनुदान देती है। डेढ सौ यूनिट से ज्यादा 300 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 2 रुपए प्रति यूनिट का अनुदान दिया जा रहा है।