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हावी हो रहे रेत माफिया, जुर्माना भरके भी किया अवैध खनन

पुलिस की नाकाबंदी और खान विभाग की चौकसी को धत्ता बताते हुए रेत माफियाओं ने खुलकर बजरी खनन किया

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पर्यावरण को खतरा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन पर रोक लगा रखी है। कहने को प्रदेश में 17 नवंबर 2017 से रोक है, लेकिन ये रोक बेअसर रही।

भीलवाड़ा।

पर्यावरण को खतरा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन पर रोक लगा रखी है। कहने को प्रदेश में 17 नवंबर 2017 से रोक है, लेकिन ये रोक बेअसर रही। पुलिस की नाकाबंदी और खान विभाग की चौकसी को धत्ता बताते हुए रेत माफियाओं ने खुलकर बजरी खनन किया। विभाग ने इन रेत माफियाओं पर कार्रवाई करते हुए खान विभाग ने भीलवाड़ा, बिजौलियां, चित्तौड़ व निम्बाहेड़ा में करीब दो करोड़ रुपए से ज्यादा का तो जुर्माना ही वसूल कर लिया।

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शहर में अलसुबह एक साथ पांच से सात ट्रैक्टर ट्रॉली निकलना आम बात हो गई है। कुछ लोग इनकी एस्कॉर्ट भी करते हैं। पुलिस व खान विभाग के अधिकारियों ने रेत माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई के प्रयास भी किए लेकिन कहीं पत्थर बरसाए गए तो कहीं गाडि़यों को कांच फोड़ दिए गए। रेत माफियाओं की ओर से सरकारी अधिकारियों पर हमले की घटना केवल भीलवाड़ा में ही नहीं, बल्कि प्रदेश में कई जगह हुई है। इससे स्पष्ट है कि अंकुश के बावजूद रेत माफियाओं ने खुलकर अवैध खनन किया। अधीक्षण खनि अभियंता अविनाश कुलदीप ने बताया कि इस खंड में 420 कार्रवाई हुई। इसमें 02 करोड़ 17 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। अब बजरी के मामले में दो अप्रेल को फिर सुनवाई होगी।

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पुलिस की भूमकिा पर सवाल
बजरी खनन के मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कारण है कि पहले ही जिला पुलिस अधीक्षक ने बजरी मामले में हनुमाननगर थाना प्रभारी को एपीओ किया था। इसके बाद एसीबी ने अरवड़ चौकी प्रभारी को 4500 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उन्होंने ट्रैक्टर निकालने के लिए रिश्वत ली थी। इस तरह के मामले सामने आने से पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।


समूह में आ रहे ट्रैक्टर
शहर में एेसी कोई कॉलोनी नहीं है जहां बजरी नहीं दिख रही हो। सरकार का तर्क है कि बजरी खनन बंद है। हकीकत यह है कि शहर के पास बनास, कोठारी नदी में रात को बेखोफ बजरी खनन चल रहा है। चौंकाने वाली बात है कि सुबह चार से छह बजे तक बजरी के ट्रेक्टर एक साथ निकलते हैं। इन्हें निकालने के लिए आगे कुछ युवक भी चलते हैं। जिनके मोबाइल से वे आगे की जानकारी लेते रहते हैं। इसमें ढाई हजार से तीन हजार रुपए ट्रैक्टर ट्रॉली के लिए जा रहे हैं।

खनि अभियंता भीलवाड़ा
अवैध खनन के प्रकरण : 228
राशि वसूली : 92 लाख 1570
एफआईआर : 04
वाहन व औजार जब्त : 234


खनि अभियंता बिजौलियां
अवैध खनन के प्रकरण : 53
राशि वसूली : 47 लाख 38 हजार 163 रुपए
एफआईआर : 0
वाहन व औजार जब्त : 0