
अवैध बजरी खनन के बाद बीगोद कस्बे में अवैध गारनेट फैक्ट्रियां चल रही हैं। खुलेआम चल रही फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं होना भी संदेह के घेरे में हैं।
बीगोद।
अवैध बजरी खनन के बाद बीगोद कस्बे में अवैध गारनेट फैक्ट्रियां चल रही हैं। खुलेआम चल रही फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं होना भी संदेह के घेरे में हैं। कस्बे के रीको एरिया क्षेत्र में गारनेट की फैक्ट्रियां चल रही है। जिसमे रोजाना सैकड़ो टन गारनेट निकाल कर बाहर भेजा जा रहा है। खुलेआम चल रही फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है जिससे संचालित फैक्ट्रियां सन्देह के घेरे में है। गारनेट फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं होने से दिनों दिन इनकी संख्या भी बढ़ती जा रही है।
प्रशासन के आला अधिकारियों व खनिज विभाग की अनदेखी के कारण नियमों को ताक में रखकर किए जा रहे अवैध खनन से क्षेत्र की बनास, बेड़च व कोठारी नदी में बजरी माफिया पनपते जा रहे हैं। पहले स्थानीय प्रभावशाली लोग बजरी व गारनेट का काम करते थे अब आस-पास के जिलों से भी आने लगे हैं। बेख़ौफ़ होकर अवैध बजरी व गारनेट के काम को अंजाम दे रहे हैं। क्षेत्र में गारनेट मिश्रित बजरी कोटड़ी क्षेत्र से आ रही है। चोरी छिपे डम्परों व ट्रक से बजरी ला कर मशीनों से छान कर गारनेट निकाला जा रहा है। खुलेआम चल रहा खेल क्षेत्र में बजरी के बाद गारनेट का खेल भी खुलेआम चल रहा है।
बजरी से गारनेट निकालने के बाद बेख़ौफ़ होकर खुले में सुखाया जा रहा है। प्रशासनिक व खनिज विभाग की कार्यवाही का डर नही होने से प्रतिदिन सैकड़ो टन गारनेट तैयार किया जा रहा है। गारनेट है बजरी में सोना क्षेत्र में गारनेट की और लोगो का रुझान बढ़ता जा रहा है। बजरी से गारनेट महंगा भी जिसको बजरी में सोना कहां जाता है। गारनेट को क्वालिटी के हिसाब से 8 से 10 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से व्यापारी खरीदते हैं। गारनेट में अच्छी कमाई होने से ग्रामीण क्षेत्रो में प्रभाव बढ़ता जा रहा है। गारनेट को खरीदने के लिए बाहरी व्यापारी भी आ रहे हैं। मांडलगढ़ क्षेत्र में अवैध गारनेट का चोरी छिपे काम हो रहा है।
विभाग द्वारा पूर्व में बीगोद कस्बे में अवैध रूप से गारनेट निकालते दो जगहों पर कार्यवाही की गई थी और जल्द ही विभाग द्वारा और कार्रवाई की जाएगी।
कमलेश्वर बारेगामा, खनिज अभियंता, भीलवाड़ा
Published on:
11 Feb 2018 03:31 pm
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