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3 घंटे में शादी के नियम ने बढ़ाई परेशानी

आयोजकों के साथ कैटर्स व बैंडवादकों की चिंता बढ़ी
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 25 Apr 2021, 8:39 AM IST

3 घंटे में शादी के नियम ने बढ़ाई परेशानी

3 घंटे में शादी के नियम ने बढ़ाई परेशानी

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
शादियों पर लगातार दूसरे साल कोरोना का साया है। बढ़़ते संक्रमण ने शादियों के सीजन में हलवाई, कैटरर्स, टेंट, लाइट, कार्ड, ज्वैलर्स, हॉल संचालकों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। अमूमन हर शादियों में इन चीजों में मोटा खर्च होता है। अब उन्हीं खर्चों में कटौती हो गई है। इससे शादी वाले परिवारों का खर्चा भले ही बच रहा है लेकिन इन व्यवसायों से जुड़े लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया। केवल ५० मेहमानों की शादियों में बाध्यता इनको नुकसान पहुंचा रही थी। अब शादियों को ३ घंटे में निपटाने की नई गाइडलाइंस ने चिंता अधिक बढ़ा दी है।
दो साल से झेल रहे नुकसान
बीते साल कोरोना के कारण आर्थिक संकट का सामना कर चुके कैटरर्स व हलवाइयों का कहना है कि इस बार अच्छे व्यापार की उम्मीद थी। शादी की पूरी तैयारियां कर ली गईं थीं लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने पानी फे र दिया। लोगों ने ५०० लोगों के खाने तक की बुकिंग कराई थी। कोरोना और नई गाइडलाइन से सब कुछ खत्म हो गया है। बुकिंग कराने वाले लोगों का कहना है कि जब हम कम मेहमान बुला रहे हैं तो खाने में इतना खर्चा क्यों करें। ऐसे में आधे दाम पर ही बुकिंग हो रही है। अब ३ घंटे में शादी पूरी करने की बाध्यता भी महंगी पडऩे वाली है। बैंडवाले भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि बैंड का काम अब केवल दिन का ही रह गया है और वो भी कुछ समय के लिए। अब इतने सीमित समय के लिए कम पैसे ही मिल रहे हैं।
उठाना पड़ रहा नुकसान
केटर्स व्यवसायी रमेश अग्रवाल का कहना है कि अप्रेल के ४००-५०० लोगों के खाने बुक थे। मार्च से संक्रमण बढ़ा है, उससे विकट स्थिति सामने आ गई है। इसके बाद २०० फिर १०० और अब ५० हो गई। अब लोग कैंसल करा रहे हैं। मैन पावर तो उतना ही लगाना पड़ रहा है लेकिन ५० लोगों के खाने में राशि भी कम मिल रही है। एेसे में नुकसान झेलना पड़ रहा है। राकेश मंत्री ने बताया कि पिछले एक साल से कोरोना के कारण व्यवसाय ठप हो चुका है। शादियों का सीजन ही कमाई का होता है। कोरोना के कारण एेसा ग्रहण लगा है जिससे सभी को नुकसान हो रहा है। पहले लोग ४० से ५० तक पकवान व व्यंजन बनवाते थे, अब केवल २ से ३ सब्जियों के साथ पुलाव, मिठाइयां तक ही शादियां सीमित हो चुकी हैं। भारत बैंड संचालक का कहना है कि पहले शादी के हर कार्यक्रम में बुलाया जाता था। अब केवल कुछ घंटे के लिए ही लोग बुला रहे हैं।