मंदिर में हुई लाखों की लूट के मामले में पुलिस के हाथ दूसरे दिन भी खाली

करेड़ा उपखण्ड क्षेत्र के उमरी ग्राम पंचायत के जगदीश गांव में मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जगदीश मंदिर में हुई लाखों की लूट के मामले में रायपुर थाना पुलिस के शनिवार दूसरे दिन भी हाथ खाली ही रहे। नकाबपोश लुटेरों की तलाश में पुलिस उस इलाके के सीसी टीवी कैमरों को खंगाल रही है। वहीं क्षेत्र के मोबाइल कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।

By: Akash Mathur

Published: 27 Feb 2021, 11:59 AM IST

भीलवाड़ा. करेड़ा उपखण्ड क्षेत्र के उमरी ग्राम पंचायत के जगदीश गांव में मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जगदीश मंदिर में हुई लाखों की लूट के मामले में रायपुर थाना पुलिस के शनिवार दूसरे दिन भी हाथ खाली ही रहे। नकाबपोश लुटेरों की तलाश में पुलिस उस इलाके के सीसी टीवी कैमरों को खंगाल रही है। वहीं क्षेत्र के मोबाइल कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। मंदिर परिसर में सो रहे पुजारी और उसके भतीजे के साथ मारपीट करके बंधक बनाकर लुटेरे भगवान के लाखों के गहने ले गए। जिनकी कीमत करीब ३० से ३५ लाख रुपए की बताई जा रही है।

थानाप्रभारी प्रेमसिंह ने बताया कि जगदीश गांव निवासी घनश्याम दास जगदीश मंदिर का पुजारी है। वह और उसका भतीजा पन्द्रह वर्षीय कालूदास मंदिर परिसर में गुरुवार रात को सोए थे। देर रात तीन लुटेरे पिछवाड़े से मंदिर परिसर में प्रवेश कर बांस के सहारे तीन जनें मंदिर के गुम्बद के सहारे मुख्य मंदिर में घुस गए। खटपट की आवाज से पुजारी की नींद खुल गई। उसने हल्ला किया तो लुटेरों ने उसे पकड़ लिया और लाठी से सिर में वार किया। इससे पुजारी अचेत हो गया। होश आने पर लुटेरों ने पुजारी की पिटाई कर दी। हाथ-पैर बांध मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। भतीजे कालू के जागने पर उसे भी बंधक बना लिया। पुजारी से गर्भ गृह की चाबी लेकर मंदिर के गृभ गृह में प्रवेश कर भगवान जगदीश की प्रतिमा पर श्रृंगारित सोने का मुकुट, कुण्डल की जोड़ी, मूंछे, चार हार, लोकेट, एक छोटा मुकुट, चांदी की चरी, मुकुट, हाथी, कुण्डल की जोड़ी, मोर, सिंहासन, हनुमान जी का मुकुट, गरूड का मुकुट, विश्वकर्मा जी का मुकुट, गिलास समेत अन्य सोने-चांदी के सामान व एलसीडी व सीसी टीवी की हार्ड ***** भी ले गए। उनके जाने के बाद जैसे-तैसे आजाद करके पुजारी ने ग्रामीणों को इस बारे में बताया। उसके बाद उमरी सरपंच हरदेव गुर्जर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे। रायपुर थानाप्रभारी सिंह जाप्ते के साथ मौके पर पहुचे। करेड़ा उपखण्ड अधिकारी महिपालसिंह, सहाड़ा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंचल मिश्रा, गंगापुर पुलिस उपाधीक्षक गोपीचंद तथा तहसीलदार हरेन्द्रसिंह ने भी घटनास्थल का मुआयना कर ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान माण्डल विधायक रामलाल जाट भी जगदीश गांव पहुंचे। जिला मुख्यालय से डॉग स्क्वाइड और एफ एसएल टीम को बुला लिया गया। टीम ने मंदिर से लुटेरों के साक्ष्य उठाए। पुलिस गांव में जाने वाले रास्तों में प्रतिष्ठानों पर लगे सीसी टीवी कैमरों को खंगाल कर संदिग्धों का पता कर रही है। वहीं क्षेत्र की मोबाइल कॉल डिटेल भी निकलवाई जा रही है।

नाड़ी में फेंक गए एलसीडी, वारदात से पहले पी शराब
लुटेरों ने वारदात से पहले छह सौ मीटर दूर नाड़ी में साथ बैठकर शराब पी। वहां शराब की बोतल मिली। एलसीडी भी फेंकी हुई मिली। यह एलसीडी मंदिर में लगी हुई थी। पुजारी ने बताया कि लुटेरों के मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। एेसे में माना जा रहा है कि वारदात से पहले उन्होंने शराब पी।
१६ कैमरे लगे थे, तीसरी आंख से नजर, हार्ड ***** ही ले गए
मंदिर में तीसरी आंख से भी नजर रखी जाती थी। इसके लिए वहां १६ सीसी कैमरे लगे थे। लेकिन लुटेरे हार्ड ***** ही ले गए। तीन कैमरों को लुटेरों ने तोड़ भी दिया। हार्ड ***** खोलकर ले जाने से पुलिस के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। पुजारी ने बताया कि एक लुटेरा बंधक बनाकर उनके पास खड़ा रहा। जबकि दो ने मंदिर के गृर्भगृह में प्रवेश कर वारदात को अंजाम दिया। पुजारी ने बताया कि जिस तरह से वह आपस में बातचीत कर रहे थे उनकी भाषा से वह भरतपुर जिले के हो सकते है। उनकी उम्र ३५ से ४० वर्ष की थी। नकाब पहने होने से चेहरा पहचानना मुश्किल था।

भक्तों की आंखें नम, चार सौ साल पुराना
आमजन की आस्था का प्रमुख केन्द्र होने से वारदात सुनकर ग्रामीण जमा हो गए। भगवान को बिना श्रृंगार के देखकर कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। चार सौ साल पुराना मंदिर था। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले यहां कभी लूट या चोरी की घटना नहीं हुई। दिनभर में यहां पांच बार आरती होती है। वारदात के बाद शुक्रवार को एक भी बार आरती नहीं हुई।

पुजारी की हत्या करने की थी नीयत, एक साथी लुटेरे ने रोका
पुजारी घनश्याम वैष्णव ने बताया कि लूटपाट के दौरान दो लुटेरे हत्या करने की बात कह रहे थे। लेकिन एक साथी ने पुजारी की हत्या करने से मना कर दिया। बार-बार कहने पर एक लुटेरे ने दूसरे को थप्पड़ मारकर एेसा करने से रोका।

वारदात से पहले रैकी, चार दिन से चल रहा था सत्संग
मंदिर में पिछले चार दिन से रात में सत्संग का आयोजन चल रहा था। काफी भीड़ थी। पुजारी का कहना है कि कुछ संदिग्ध आए भी थे। एेसे में माना जा रहा है कि वारदात से पहले रैकी हुई है। उनको पता था कि गुरूवार को कोई आयोजन नहीं है।

Akash Mathur
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned