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देसी तमंचों से दादागिरी, बढ़ती हथियार तस्करी बनी खतरा, सांगरिया कस्‍बे में फायरिंग ने खड़े किए सवाल

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Increasing arms smuggling in bhilwara

Increasing arms smuggling in bhilwara

भीलवाड़ा।
जिले में अवैध हथियारों के खेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनावी चौसर और संगीन वारदात की स्थिति में अनहोनी की आशंका मात्र से आला पुलिस अधिकारियों के चेहरें पर चिंता की लकीरें उभर जाती हैं। सांगारिया में देशी कट्टे से हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में हथियारों की बढ़ती तस्करी और तस्करों के तार मध्यप्रदेश से जुड़े होने के खुलासे ने सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में ला दिया है। पिछले कुछ सालों में पुलिस के शिकंजे में आए अपराधियों ने इसका खुलासा कर पुलिस की नींद उड़ा रखी है।


अब तक हुए खुलासों और बदमाशों की धरपकड़ में सामने आया है कि मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में हथियार भीलवाड़ा के रास्ते से ही बाहर भेजे जा रहे हैं। चंद रुपयों का लालच में मध्यप्रदेश में पिस्टल, देशी कट्टे, तमंचा समेत कई तरह के अवैध हथियार बन रहे हैं। इनमें खासतौर से देशी कट्टे की सर्वाधिक तस्करी हो रही है। मध्यप्रदेश में देशी कट्टे यहां पांच से आठ हजार रुपए में बेचे जाते हैं। यहां आकर इनकी कीमत 15 से 20 हजार हो जाती है। आठ दस हजार रुपए की कमाई के चक्कर में हथियार तस्करी का खेल चल रहा है।

शौकियाना अंदाज
कई लोग शौकियाना हथियार रखने लगे हैं। स्टेटस सिम्बल के कारण यह लोग तस्करों से हथियार ले लेते हैं। हालांकि इस तरह का हथियार रखना कानूनी रूप से गलत है। संगीन वारदातों में लिप्त लोगों को भी हथियार पहुंचाए जा रहे हैं।


पांच राज्यों के वांटेड ने खोले थे राज
गुलाबपुरा थाना पुलिस ने पांच राज्यों का मोस्टवांटेड राजेन्द्रसिंह को बड़ी मात्रा में हथियार समेत गिरफ्तार किया गया था। भीमगंज और प्रतापनगर पुलिस ने भी हथियारों के जखीरे के साथ कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया था। इनके तार मध्यप्रदेश में हथियार तस्करी से जुड़े हुए पाए गए।


भानु के कातिलों ने उधेड़ी परतें
कोटा के कुख्यात गैंगस्टर भानुप्रतापसिंह के हत्या में शामिल हुए आरोपियों की धरपकड़ के बाद पूछताछ में साबित हुआ कि मध्यप्रदेश से बहुतायात में हथियार तस्करी हो रही है। आरोपियों ने भानु की हत्या के काम में लिए हथियार वहीं से खरीदे थे। हथियार बनाने में मध्यप्रदेश के कई गांव में परिवार तक लगा हुआ। इन हथियारों पर विदेश तक की सील लगाकर बेचा जा रहा है।