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भीलवाड़ा के ब्रह्मचारी हुमड़ की दीक्षा 4 को जयपुर में

दिगम्बर आचार्य सुनीलसागर महाराज के शिष्य आरके कॉलोनी निवासी ब्रह्मचारी विनोद दोषी की मुनि दीक्षा 4 अगस्त मोक्ष सप्तमी के दिन जयपुर में होगी।

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भीलवाड़ा के ब्रह्मचारी हुमड़ की दीक्षा 4 को जयपुर में

भीलवाड़ा के ब्रह्मचारी हुमड़ की दीक्षा 4 को जयपुर में

दिगम्बर आचार्य सुनीलसागर महाराज के शिष्य आरके कॉलोनी निवासी ब्रह्मचारी विनोद दोषी की मुनि दीक्षा 4 अगस्त मोक्ष सप्तमी के दिन जयपुर में होगी। दोषी बी.कॉम की पढ़ाई कर राजस्थान रोडवेज़ में कंडेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए। वे बांसवाड़ा के कुशलगढ़ के पार्षद भी रहे। वे पिछले कई सालों से जैन संत की तरह सात्विक जीवन जीकर जैन आध्यात्मिक कार्यों से और जैन संतों की सेवा में जुटे है।

दीक्षार्थी का निकला वरघोड़ा
बांसवाड़ा के कुशलगढ़ नगर में बीस पंथी दिगम्बर जैन समाज की ओर से दीक्षार्थी विनोद हुमड़ का वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़े में समाजजनों ने जगह-जगह दीक्षार्थी का स्वागत कर बहुमान किया। वरघोड़ा गाजे बाजे संग गांधी मार्ग स्थित बीस पंथी दिगम्बर जैन मंदिर से प्रारम्भ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होता हुआ पुनः मन्दिर परिसर पहुंचकर सभा में तब्दील हुआ। सभा में वक्ताओं ने कहा कि संयम और मृत्यु की कोई उम्र नहीं होती है, वही व्यक्ति संयम प्राप्त कर सकता है जिसका पुण्योदय प्रबल हो। बीस पंथी दिगम्बर जैन समाज की ओर से संघ अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ व महामंत्री हंसमुखलाल सेठ और समाजजनों ने दीक्षार्थी की गोद भराई कर बहुमान किया। तेरापंथी समाज ने भी दीक्षार्थी का बहुमान किया गया। सभा में हंसमुख सेठ ने दीक्षार्थी के जीवन के बारे में जानकारी दी। सभा में सतीश सेठ ने भी विचार व्यक्त किए।

अनेक पदयात्राएं की
विद्यासागर यात्रा संघ जयपुर के सदस्य दोषी ने हजारों किलोमीटर की पदयात्राएं की है। इनमें बड़े बाबा से अमरकंटक 350 किलोमीटर, महावीरजी से आयोध्या और सम्मेद शिखर 1450 किलोमीटर, सम्मेद शिखर से चंपापुर और पवापुर 450 किलोमीटर, जयपुर से सोनागिर 400 किलोमीटर, जयपुर से गिरनार 900 किलोमीटर पदयात्राएं शामिल है। गृहस्थ जीवन में आध्यात्मिक भाव होने के कारण दोषी ने सम्मेद शिखर की 774 पदवंदना नीचे मधुबन से पूर्ण की है और 16 बार पर्वत की परिक्रमा की है। दोषी के जीवन पर आचार्य संभव सागर, आचार्य सन्मति सागर, आचार्य विद्यासागर सागर, विशुद्ध सागर और जयपुर में चातुर्मासरत आचार्य सुनीलसागर महाराज का प्रभाव रहा। इधर, घोषणा होने पर भीलवाड़ा दिगम्बर जैन समाज के लोगों में हर्ष है। आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि दोषी जब भी भीलवाड़ा आते आरके कॉलोनी जैन मंदिर में अभिषेक व शान्तिधारा तथा पूजा करते है।