अनेक पदयात्राएं की
विद्यासागर यात्रा संघ जयपुर के सदस्य दोषी ने हजारों किलोमीटर की पदयात्राएं की है। इनमें बड़े बाबा से अमरकंटक 350 किलोमीटर, महावीरजी से आयोध्या और सम्मेद शिखर 1450 किलोमीटर, सम्मेद शिखर से चंपापुर और पवापुर 450 किलोमीटर, जयपुर से सोनागिर 400 किलोमीटर, जयपुर से गिरनार 900 किलोमीटर पदयात्राएं शामिल है। गृहस्थ जीवन में आध्यात्मिक भाव होने के कारण दोषी ने सम्मेद शिखर की 774 पदवंदना नीचे मधुबन से पूर्ण की है और 16 बार पर्वत की परिक्रमा की है। दोषी के जीवन पर आचार्य संभव सागर, आचार्य सन्मति सागर, आचार्य विद्यासागर सागर, विशुद्ध सागर और जयपुर में चातुर्मासरत आचार्य सुनीलसागर महाराज का प्रभाव रहा। इधर, घोषणा होने पर भीलवाड़ा दिगम्बर जैन समाज के लोगों में हर्ष है। आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि दोषी जब भी भीलवाड़ा आते आरके कॉलोनी जैन मंदिर में अभिषेक व शान्तिधारा तथा पूजा करते है।