
भीलवाड़ा व शाहपुरा को ईआरसीपी से जोड़ने का उठा मुद्दा
Bhilwara and Shahpura ERCP पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) से भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले को भी जोड़ने की आवाज अब जिले में बुलंद होने लगी है।
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा की अगुवाई में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चेतन डिडवानिया, दुर्गेश शर्मा व महेश सोनी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में ईआरसीपी से दोनों जिलों को जोड़ने के लिए सर्वदलीय व सर्व समाज की एक संयुक्त कमेटी जल्द गठन करने की घोषणा की।
ईआरसीपी की होगी कमेटी
शर्मा ने कहा कि यह कमेटी ईआरसीपी के लिए सभी तथ्यों का अध्ययन कर सरकार के समक्ष पैरवी करेगी। जरूरी हुआ तो जन आंदोलन भी छेड़ा जाएगा।
चम्बल नदी से जोडने का प्रस्ताव
शर्मा ने कहा कि भविष्य को देखते हुए ईआरसीपी दोनों जिलों के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले के हिस्से बीसलपुर केचमेंट में आने के कारण एवं चम्बल पेयजल परियोजना का पानी जिले में आने से भविष्य में कोई नया बांध जिले में नहीं बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि भीलवाडा से बहने वाली बनास नदी में ब्रम्हाणी व मेनाली नदी को चम्बल नदी से जोडने का प्रस्ताव एवं समय-समय पर इनको जोड़ने के लिए सर्वे हो चुके हैं।
नदियां जुड़ती है तो भराव क्षमता बढेगी
योजना को क्रियान्विति किया जाना है, जो अभी तक यह कार्य आगे नहीं बढ़ा है, अगर यह नदियां जुड़ती है तो बीसलपुर बांध में भराव क्षमता में इजाफा होगा और बांध कभी भी खाली नहीं रहेगा। इसलिए ईआरसीपी में भीलवाडा, शाहपुरा व चितौडगढ जिले को जोड़ना जरूरी है। शर्मा ने भीलवाड़ा में बहुद्देश्यीय योजना, मिनी सचिवालय बनने व मेजा से कोठारी बांध तक रिवर फ्रंट का कार्य होने की भी पैरवी की।
Published on:
14 Feb 2024 09:37 pm
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