
वियतनाम की मुद्रा से बनी पोशाक भेंट करते हुए (पत्रिका फोटो)
कोटड़ी (भीलवाड़ा): राजस्थान के मेवाड़ अंचल में देवी-देवताओं के प्रति भक्तों की अगाध श्रद्धा के कई अनोखे रूप देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक अद्भुत और भव्य नजारा भीलवाड़ा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोटड़ी चारभुजा नाथ (कोटड़ी श्याम दरबार) में देखने को मिला। यहां दो प्रवासी भाइयों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर भगवान ठाकुरजी को किसी कपड़े या गोटे-किनारी की नहीं, बल्कि वियतनाम की विदेशी मुद्रा (करेंसी) से बनी एक बेहद विशेष और आकर्षक पोशाक भेंट की।
जैसे ही ठाकुरजी को यह अनूठी पोशाक धारण कराई गई, उनका रूप निखर उठा। इस अनोखे श्रृंगार को देखने और भगवान के इस अनूठे रूप के दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र में यह घटना कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा शहर के रहने वाले दो भाई अंकित चेचाणी और विशाल चेचाणी वर्तमान में वियतनाम की एक प्रतिष्ठित मार्बल कंपनी में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों उनके परिवार की कोई बहुत बड़ी मनोकामना (मन्नत) पूर्ण हुई थी।
ठाकुरजी के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता और अगाध श्रद्धा व्यक्त करने के लिए दोनों भाइयों ने वियतनाम की करेंसी (वियतनामी डोंग) के नोटों का उपयोग करके इस विशेष पोशाक को तैयार करवाया।
बुधवार को चेचाणी परिवार के सदस्य गाजे-बाजे और ठाकुरजी के जयकारों के बीच कोटड़ी श्याम मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सेवा प्रदाताओं व मंदिर के पुजारी को यह पोशाक सुपुर्द की। इसके बाद पुजारियों ने ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार कर उन्हें यह पोशाक धारण कराई। पोशाक पहनते ही पूरा गर्भगृह 'जय श्री श्याम' और 'चारभुजा नाथ की जय' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
उल्लेखनीय है कि मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में विदेशी मुद्रा की पोशाक या श्रृंगार सामग्री चढ़ाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवलिया सेठ (मंडफिया, चित्तौड़गढ़) में कई बार भक्तों द्वारा करोड़ों रुपए के विदेशी नोटों के बंगले और पोशाकें भेंट की जा चुकी हैं।
भीलवाड़ा शहर के चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिल चुका है। खुद कोटड़ी श्याम दरबार में भी इससे पहले श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने पर विदेशी करेंसी से बनी पोशाकें अर्पित कर चुके हैं।
अगर आप भी कोटड़ी श्याम के दर्शन करना चाहते हैं और इस दिव्य रूप को निहारना चाहते हैं, तो भीलवाड़ा शहर से यहां पहुंचना बेहद आसान है। भीलवाड़ा से कोटड़ी की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि कोटड़ी श्याम के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। यही वजह है कि देश-विदेश में बैठे प्रवासी राजस्थानी भी अपनी हर छोटी-बड़ी कामयाबी का श्रेय कोटड़ी चारभुजा नाथ को ही देते हैं।
Published on:
21 May 2026 10:16 am
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