6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

करवा चौथ 4 को

मंगलसूत्र वैवाहिक जीवन का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता

less than 1 minute read
Google source verification
karava chauth 4 ko in bhilwara

karava chauth 4 ko in bhilwara

भीलवाड़ा।
महिलाएं करवा चौथ ४ नवम्बर को मनाया जाएगा। महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। रात में चांद देखने के बाद अपना व्रत खोलती हैं। करवा चौथ का व्रत 4 नवंबर को रखा जाएगा। ये व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है जिसे चांद निकलने तक रखा जाता है। इस व्रत में सास अपनी बहू को सरगी देती है। इस सरगी को लेकर बहु अपने व्रत की शुरुआत करती हैं।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि ४ नवम्बर को चन्द्र उदय रात ८.२७ बजे बाद होगा। इसे देखकर महिलाएं अपना व्रत खोलेगी। करवाचौथ में महिलाएं पूरे दिन जल-अन्न कुछ ग्रहण नहीं करतीं। शाम के समय चांद को देखने के बाद दर्शन कर व्रत खोलती हैं। मंगलसूत्र वैवाहिक जीवन का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
-----------
भारत को जानो: 3200 विद्यार्थियों ने लिया भाग
भीलवाड़ा . भाविप राजस्थान मध्य प्रांत की भारत को जानो विद्यालय स्तरीय ऑनलाइन प्रतियोगिता मोबाइल एप से हुई। प्रांतीय संयोजक मुकेश लाठी ने बताया कि भीलवाड़ा, अजमेर व राजसमंद जिलों की 29 शाखाओं के 294 विद्यालयों से 3206 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। पूर्व में प्रतियोगिता परिषद सदस्यों में हुई थी। इसमें 576 सदस्यों ने हिस्सा लिया था।महासचिव संदीप बाल्दी ने बताया कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिता के विजेता व उपविजेता प्रतिभागी द्वितीय चरण की शाखा स्तरीय प्रतियोगिता में 25 अक्टूबर को मोबाइल एप से भाग के लिए क्वालीफाई करेंगे और शाखा में विजेता रहने वाली टीम 28 अक्टूबर को प्रांत स्तरीय सेमीफाइनल में हिस्सा लेंगे। प्रांत स्तरीय फाइनल प्रतियोगिता 1 नवंबर को होगी। प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश अजमेरा, पारसमल बोहरा, दिनेश कोगटा, मुकंद सिंह राठौड़, डॉ हरीश बेरी, कैलाश आचार्य व कुलदीप माथुर का सहयोग रहा।