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ज्योतिषियों का गांव कारोई, घर-घर में होती है यहां ग्रह व नक्षत्रों की गणना

ज्योतिषियों के गांव का जिक्र होते ही कारोही का नाम जेहन में उभर आता है। भीलवाड़ा जिले का यह छोटा सा गांव भीलवाड़ा-राजसमंद वाया गंगापुर मार्ग पर िस्थत है। इस गांव की खासयित यह है कि यह गांव भविष्य वक्ताओं के रूप में अपनी पहचान देश ही नहीं वरन दुनियां में बनाए हुए है। यहां घर-घर में भृग संहिता व अंकों की गणना हो ती है।

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ज्योतिषियों का गांव कारोई, घर-घर में होती है यहां ग्रह व नक्षत्रों की गणना

ज्योतिषियों का गांव कारोई, घर-घर में होती है यहां ग्रह व नक्षत्रों की गणना

ज्योतिषियों के गांव का जिक्र होते ही कारोही का नाम जेहन में उभर आता है। भीलवाड़ा जिले का यह छोटा सा गांव भीलवाड़ा-राजसमंद वाया गंगापुर मार्ग पर िस्थत है। इस गांव की खासयित यह है कि यह गांव भविष्य वक्ताओं के रूप में अपनी पहचान देश ही नहीं वरन दुनियां में बनाए हुए है। यहां घर-घर में भृग संहिता व अंकों की गणना हो ती है। आम जिन्दगी में ग्रह- नक्षत्रों के प्रभाव को जानने के लिए नेता, अभिनेता, कलाकार, मंत्री तक यहां आते है। जानकार तो ज्योतिषयों के साथ भृंग संहिता पर खुली चर्चा करते है। राजस्थान के राज्यपाल के कार्यर्काल के दौरान प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रपति बनने की भविण्यवाणी पंडित नाथू लाल व्यास ने की थी, उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई तो कारोई देश व विदेश में सुर्खियों में आ गया।

ऐसा नहीं है, इस गांव पर संकट नहीं आया है, कई बार ऐसे विकट हालात भी बने है, लेकिन गांव के लोगों ने संयम बरता एवं पुन: जिन्दगी को पुराने रास्ते पर बहाल किया है। इसका उदाहरण डेढ़ दशक पहले कारोही में हुआ अग्निकांड है। इस अग्निकांड से गांव में भारी तबाही हुई। पहले यह गांव मुख्य स्टेट हाइवे पर था, लेकिन फोरलेन के बाद गांव एक ओर छोर पर आ गया। यहां ज्योतिषियों के घरों के बाहर सुबह से लेकर सांझ ढलने तक लग्जरी वाहन नजर आ जाएंगे।

यहां ज्योतिषियों में पंडित नाथूलाल व्यास के परिवार के लोग बहुतायत में हे। उनके भतीजे पंडित ओमप्रकाश व्यास बताते है कि कोरोई में करीब सात दशक से भृगु संहिता पर चर्चा हो रही है। पहले सामान्य रूप से पंचाग देखकर ही भविष्य बताया जाता था। लेकिन अब भृगू ज्योतिष के आधार पर गणना करते हैं। वे अंकगणित से बिना किसी जन्मपत्री व जन्मतिथि के पूरा ज्योतिष निकालते हैं। कुंडली बना कर किसी भी अंक पर अंगुली रखवा लेते हैं। फिर उसी आधार पर गणना करते हैं। यहां जन्म तिथि व हस्तरेखा के आधार पर कुंडली बनाई जाती है।

कारोई के पवन सुवालका बताते है कि देश- विदेश की कई बड़ी हस्तियां, नेता, मंत्री, कारोबारी भविष्य जानने एवं ग्रह नक्षत्रों के दुष्प्रभाव के समाधान के लिए आते है। प्रमुख ज्योतिषियों मे पंडित गोपाल व्यास, पंडित कैलाश व्यास, लक्ष्मीलाल ईणानी, योगेश चन्द्र शास्त्री गोपाल उपाध्याय, दुर्गालाल व्यास, भैरूलाल व उदयलाल शामिल है।