शहर का कद, जिस प्रकार से बढ़ता जा रहा है, उससे अच्छे संकेत मिल रहे है, चर्चा है कि शहर के विकास एवं बढ़ते कदमों के पीछे लाइजनरों के बड़े हाथ है, यह लाइजनर छोटे-मोटे नहीं है, वरन इनके रासूकात बड़े लोगों, मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ है। दिल्ली व जयपुर तक इनकी लाइजनिग की डोर बंधी है। कलक्ट्रेट, यूआईटी, नगर परिषद, जिला परिषद में तो इनके बिना पत्ता तक नहीं हिलता है। खास चर्चा तो यह है कि आला अधिकारियों के आने जाने, अटके काम कराने, बड़े प्रोजेक्टों को कैसे लिया जाता है या कराया जाता है, यह सब इन लाइजनरों का ही खेल है।