
फूड प्वाइजनिंग
food poisoning चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला में कानोड़ मार्ग स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय टाइप 4 की छात्राओं की बुधवार रात्रि अचानक हालत बिगड़ गई, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर 15 छात्राओं को चित्तौड़गढ़ रैफर किया गया। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों ने मामला फूड प्वाइजनिंग का बताया है।
कस्बे के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के अधीन संचालित छात्रावास में 105 छात्राओं का नामांकन है, जिसमें बुधवार को 68 छात्राएं उपस्थित थी। बुधवार शाम को खाना खाने के बाद रात्रि करीब 10 बजे कुछ छात्राओं को उल्टी-दस्त और मन मिचलने की शिकायत हुई। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़कर करीब 20 तक पहुंच गई। इस पर हॉस्टल वार्डन व चौकीदार ने प्रधानाचार्य विक्रम सिंह मीणा को जानकारी दी तो वह स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को सूचना देकर छात्रावास की समस्त छात्राओं को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां छात्राओं का प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें से 15 छात्राओं को चित्तौड़गढ़ रैफर किया गया। इनमें से एक को एक अभिभावक अपने साथ चित्तौड़गढ़ ले गया।
रात्रि में तहसीलदार मदनलाल जटिया भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को चित्तौड़गढ़ पहुंचाया। गुरुवार सुबह चिकित्सा अधिकारी रोहिताश्व के नेतृत्व में मेल नर्स शिवराम मीणा की चिकित्सा टीम ने पुनः छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जहां सभी छात्राएं स्वस्थ पाई गई। इधर ,प्रधानाचार्य मीणा ने बताया कि इस मामले में जांच की जा रही है ।
बताया गया कि छात्रावास में बुधवार को विश्व आदिवासी दिवस होने से सुबह लापसी पूड़ी व कड़ी बनाई गई थी वहीं शाम को दाल, रोटी के साथ चावल की खिचड़ी बनाई थी। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने खाने में सुबह बनी एक-एक पूड़ी भी दी गई थी व रात्रि को चाय भी पी थी। गुरुवार को उपखंड अधिकारी रामकुमार टाडा ने भी छात्रावास का अवलोकन किया व जानकारी ली वहीं चित्तौड़गढ़ से एक टीम भी पहुंची व भोजन तथा खाद्य सामग्री का सैंपल लिया।
Published on:
10 Aug 2023 08:56 pm
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