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लो चला मैं, सौ ट्रैक्टरों में अपनी बारात लेकर…

आधुनिक युग के दुल्हे अपनी बारात में आधुनिक लग्जरी कारें एवं अन्य वाहनों का उपयोग कर रहे। वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो लीक से हटकर सादगी के साथ सात जन्मों के बंधन को यादगार बनाने के साथ-साथ समाज को अच्छा संदेश भी देना चाहते हैं। कुछ ऐसा ही उदाहरण राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ीसादड़ी में नंगाखेड़ी निवासी किशन लाल जाट ने पेश किया है।
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भीलवाड़ा

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Narendra Kumar Verma

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Updated: 12 May 2023, 6:42 PM IST

लो चला मैं, सौ ट्रैक्टरों में अपनी बारात लेकर...

लो चला मैं, सौ ट्रैक्टरों में अपनी बारात लेकर...

आधुनिक युग के दुल्हे अपनी बारात में आधुनिक लग्जरी कारें एवं अन्य वाहनों का उपयोग कर रहे। वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो लीक से हटकर सादगी के साथ सात जन्मों के बंधन को यादगार बनाने के साथ-साथ समाज को अच्छा संदेश भी देना चाहते हैं। कुछ ऐसा ही उदाहरण राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ीसादड़ी में नंगाखेड़ी निवासी किशन लाल जाट ने पेश किया है।

जाट अपनी शादी को सादगीपूर्ण व अनोखे ढ़ंग से यादगार बनाने के लिए 101 ट्रैक्टर में बारात लेकर जाटों का खेड़ा पहुंचे। दूल्हे सहित सभी बाराती ट्रैक्टर में सवार होकर निकले तो समूचा गांव देश एवं दुनियां में छा गया।

विनायका सरपंच राजकुमार जाट के छोटे भाई किशन की बारात बुधवार रात बड़ीसादड़ी नगर से होकर एक साथ 101 ट्रैक्टरों के साथ गांव में पहुंची। बारात के ट्रैक्टरों में राजस्थानी परिधानों में सजे - धजे लोग मेवाड़ी परंपरा की जीवंतता का भी आभास करा रहे थे। वहीं दूसरी ओर मंगल गीत गाती परिवार की महिलाएं भी ध्यान आकर्षित कर रही थी।

दुल्हा किशन स्वयं ट्रैक्टर चलाते हुए आगे चल रहा था। जिसके ट्रैक्टर पर तिरंगा ध्वज लगा था। दुल्हे सहित सभी ट्रैक्टरों को फूलों से सजाया गया। बारात नंगाखेड़ी से जाटों का खेड़ा देसी ठाठ बाट से पहुंची। ट्रैक्टर ट्राॅली में देसी खाट पर पुरुष, महिलाएं सवार थे। पहली बार बारात की एक अलग ही मेवाड़ी झलक दिखाई दी जो चर्चा का विषय रही। और तो और इस विवाह में दुल्हे किशन लाल जाट ने एक रुपया भी दहेज ना लेने का संकल्प कर मिसाल पेश की। जिसकी सभी ने प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि समाज के युवाओं को किशन जैसे दुल्हे से प्रेरणा लेते हुए दहेज के अभिशाप को मिटाने का प्रयास करना चाहिए।