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लंपी मृत गोवंश को दफनाने की बजाए खुले में फेंक रहे

- नगर परिषद की अनदेखी से ठेकेदार ही फैला रहे शहर में संक्रमण का जाल - तेली खेड़ा गांव के बाहर मृत मवेशियों के ढेर, सडांध से परेशान राहगीर
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 18 Sep 2022, 9:02 AM IST

लंपी मृत गोवंश को दफनाने की बजाए खुले में फेंक रहे

लंपी मृत गोवंश को दफनाने की बजाए खुले में फेंक रहे

भीलवाड़ा. शहर में संक्रमित गोवंश को दफनाने की बजाए खुले में फेंका जा रहा है। तेली खेड़ा गांव के पास खुला मैदान इसका उदाहरण है। बोर्ड एवं अफसरों की अनदेखी के चलते ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। राजस्थान पत्रिका ने शनिवार को शहर के निकट तेली खेड़ा गांव का जायजा लिया तो हालात चौकाने वाले नजर आए। गांव के बाहर खुले मैदान में संक्रमित मृत गोवंश के ढेर लगे हैं। ऐसे में ठेकेदार और अफसर ही संक्रमण का दायरा बढ़ा रहे हैं।

काइन हाउस में क्वारंटीन सेंटर: 300 संक्रमित
शहर के दादीधाम रोड पर परिषद की ओर से काइन हाउस बना हुआ है। यहां लावारिश गोवंश को रखा जाता है। लंपी बीमारी से ग्रस्त गोवंश को रखने के लिए अलग से क्वारंटीन सेंटर बना रखा है। ताकी संक्रमण का दायरा अन्य गोवंश में नहीं फैले। अब तक तीन सौ संक्रमित गोवंश क्वारंटीन सेंटर में है। इनमें से 35 से अधिक गोवंश की मौत हो चुकी है।
मृत गोवंश की दुर्दशा क्यों

क्वारंटीन सेंटर में संक्रमित गोवंश की मौत होने पर ठेकेदार गाड़ी में डालकर ले जाते है। नियमानुसार मृत संक्रमित गोवंश को दफनाया जाना चाहिए। ताकी संक्रमण नहीं फैले, लेकिन ठेकेदार मृत गोवंश को तेलीखेड़ा गांव के बाहर मैदान में इनको फेंककर आ रहे हैं। इससे मैदान में मृत गोवंश के ढेर लगे हैं। इससे संक्रमण फैलने का भारी खतरा बना हुआ है। लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।


इनका कहना है

मृत मवेशियों को कीर खेड़ा स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में दफनाया जा रहा है। अगर कोई मृत मवेशियों को क्वारंटीन सेंटर से ले जाकर तेली खेड़ा में डाल रहा है तो यह गलत है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- राकेश पाठक, सभापति, नगर परिषद, भीलवाड़ा
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