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पत्रिका चेंजमेकर महाभियान: नए लोग आएंगे तो ही बदलेगी राजनीति की तस्वीर

वर्तमान राजनीति के जो हालात है उस हिसाब से नया व्यक्ति कोई नहीं आना चाहता है

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वर्तमान राजनीति के जो हालात है उस हिसाब से नया व्यक्ति कोई नहीं आना चाहता है। अभी वंशवाद हावी है

भीलवाड़ा।

वर्तमान राजनीति के जो हालात है उस हिसाब से नया व्यक्ति कोई नहीं आना चाहता है। अभी वंशवाद हावी है। पार्टियां भी जिस तरह टिकट वितरण करती है उसमें वंशवाद व जातिवाद को बढ़ावा मिलता है। इन हालातों के कारण कोई भी गैर राजनीतिक व्यक्ति इस क्षेत्र में आने की सोच भी नहीं सकता है। एेसे दौर में राजस्थान पत्रिका ने चेंजमेकर महाभियान चलाया है।

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इसके तहत नए लोगों को राजनीति में आने का मौका कैसे मिले इसे लेकर जोड़ा जा रहा है। यह विचार राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित परिचर्चा में व्यापारी व आम लोगों ने व्यक्त किए। शनिवार को आयोजित इस परिचर्चा में शामिल लोगों ने कहा, देश की राजनीति में भ्रष्टाचार चरम है। पद मिलते ही जनहित का काम कम बल्कि निजी स्वार्थों की पूर्ति ज्यादा की जाती है। एेसे में यह हालात बदलने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। पिछले कुछ वर्षों से जागरुकता आई है। इसका असर अगले विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।

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परिचर्चा में इन्होंने लिया भाग
इस परिचर्चा में कल्पेश चौधरी, कैलाश सोनी, रामपाल सोनी, सुरेशकुमार बम्ब, आलोक पोखरना, अंकुर तोषनीवाल, मनीष गोखरू, ऋषभ धुत, महावीर सरगरा, अनुप शर्मा, द्वारका नुवाल, भैरू जाट, दिनेश गाडरी, सांवरमल जाट आदि ने इसमें हिस्सा लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंन कहा कि पत्रिका की इस पहल से कई नए लोग राजनीति में आएंगे।

जातिवाद को दिया जाता है बढ़ावा
परिचर्चा में शामिल लोगों ने कहा कि देश के जो प्रमुख राजनीति दल है वे ही खुद जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। अभी जिस क्षेत्र में जिस जाति की बाहुल्यता होती है वहां उसी जाति के व्यक्ति को चुनाव मैदान में उतारा जाता है चाहे वह पात्र नहीं हो। इस तरह की स्थितियों से ही जनता की जरुरतों पर कम ध्यान दिया जाता है।