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कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: मंगरोप में महंगे दाम पर यूरिया बेचने पर लाइसेंस निलंबित

निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया विक्रय की शिकायत पर हुई कार्रवाई रात्रि में 400-500 रुपए प्रति बैग बेचा जा रहा था यूरिया

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भीलवाड़ा जिले में किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में अनियमितता पाए जाने पर भीलवाड़ा जिले के मंगरोप गांव में एक उर्वरक प्रतिष्ठान के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया है। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया बेचने के आरोप में प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विनोद कुमार जैन ने बताया कि किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है और अनियमितता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। जैन ने बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत अधिक दर पर और निर्धारित समय के बाद (रात्रि में) यूरिया तथा डीएपी उर्वरक वितरण करने के साथ ही विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना की शिकायत मिली थी। मंगरोप स्थित सोहन लाल रमेश चन्द डाड के प्रतिष्ठान की ओर से यूरिया को निर्धारित दर से अधिक दर पर बेचे जाने की पुष्टि होने पर यह निलंबन की कार्रवाई की गई है।

जैन ने बताया कि मंगरोप के इस प्रतिष्ठान से संबंधित कृषि पर्यवेक्षक ने किए गए भौतिक सत्यापन में पॉश मशीन में यूरिया का स्टॉक शून्य दर्शाया गया था। जबकि, स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि रात के समय वह यूरिया उर्वरक को 400 से 500 प्रति बैग (निर्धारित दर से काफी अधिक) और डीएपी को 1700 प्रति बैग तक बेचकर कालाबाजारी कर रहा था। ग्रामीणों ने इस मनमानी का विरोध भी किया था।

जांच टीम ने पकड़ी मौके पर धांधली

शिकायत मिलते ही सहायक निदेशक कृषि धीरेन्द्र सिंह राठौड़, कजोड़ मल गुर्जर और सहायक कृषि अधिकारी प्रहलाद सहाय सारस्वत की टीम मौके पर पहुंची। जांच करने पर पाया गया कि दुकानदार की ओर से रात्रि में वास्तव में अधिक दर पर खाद बेचा जा रहा था। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने का कठोर निर्णय किया गया है।