
पटाखे बेचने व चलाने की छूट से उत्साहित बाजार
भीलवाड़ा।
त्योहारी सीजन में सरकार की ओर से पटाखे की बिक्री और दीपावली पर रात आठ से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे छोडऩे की अनुमति से व्यापारियों में उत्साह है। पटाखा कारोबार से जुड़े जिले के सैकड़ों परिवारों को अच्छे कारोबार की उम्मीद बंधी। व्यापारियों की मानें तो दीपावली के सीजन पर पांच करोड़ रुपए करोबार होने की संभावना है।
व्यापारी निर्मल अग्रवाल ने बताया कि पटाखों की बिक्री होने पर व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों से अधिक परिवारों को फायदा मिलेगा। अकेले भीलवाड़ा शहर में करीब एक दर्जन लाइसेंसधारी पटाखा व्यवसायी हैं। गली-मोहल्लों में छोटे दुकानदार पटाखा बिक्री से जुड़े हैं। हालांकि कई दुकानदारों के पास पिछली साल का स्टॉक भी पड़ा है। शहर में ग्रामीण हॉट, चित्रकूट धाम, लेबर कॉलोनी, प्रतापनगर स्कूल समेत अन्य स्थानों पर व्यापारी अस्थाई दुकान लगाकर पटाखों की बिक्री करते है। इसके चलते एक हजार लोगों को भी रोजगार मिलता है।
दुकानों पर लौटेगी रौनक
दीवाली के अलावा क्रिसमस और इसके बाद नववर्ष पर अलग-अलग समय आतिशबाजी में छूट से बाजार में पटाखों की दुकानें सजने लगेगी। इधर पटाखा चलाने के शौकिनों में भी इस बात की खुशी है कि आतिशबाजी कर वे अपनी खुशियों को दुगना कर सकेंगे।
१९ दिन में होगा ज्यादात्तर कारोबार
पटाखा व्यवसायी अग्रवाल का कहना है कि कोरोना में शादी समारोह में पाबंदी के बाद अब दीवाली पर कारोबार की उम्मीद है। हालांकि व्यापारियों के सामने चुनौती रहेगी कि उनको अगले १९ दिन में कारोबार को मैनेज करना होगा। पाबंदी के कारण कई दुकानदारों ने इस बार भी माल परचेच नहीं किया था। अगले १९ दिनों में तीन गुना बिक्री होने पर छोटे दुकानदारों की भी दीवाली रोशन हो सकेगी। क्योंकि पिछले दो साल से व्यापार पूरी तरह ठप्प हो चुका था। इसके अलावा पटाखा की बिक्री पर सरकार 18 प्रतिशत टैक्स वसूलती है। अब सरकार को टैक्स की प्राप्ति हो सकेगी।
ग्रीन पटाखे चलाने की ही अनुमति दी
राज्य सरकार ने ग्रीन आतिशबाजी दीपावली, गुरुपर्व व अन्य त्योंहार पर रात आठ से 10 बजे, छठ पर्व पर सुबह छह से आठ व क्रिसमस व न्यू ईयर पर रात 11.55 से 12.30 बजे तक चलाने की अनुमति दी गई है। अन्य त्योहारों पर आतिशबाजी के संबंध में गृहविभाग अलग से निर्देश जारी करेगा। जिस शहर में एयर क्वालिटी कमजोर है या उससे खराब है। वहां उस दिन आतिशबाज़ी पर रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी के निर्देशों को ध्यान में रखकर गृहविभाग ने अधिकतम छूट देते हुए ग्रीन पटाखों को चलाने की अनुमति दी है।
कम प्रदूषित होते हैं ग्रीन पटाखे
ग्रीन पटाखों से प्रदूषण अन्य सामान्य पटाखों की तुलना में कम होता है। ग्रीन पटाखों से अन्य ग्रीन श्रेणी में आने वाले पटाखों के लिए उत्पादक को एक सर्टिफिकेट नीरी द्वारा दिया जाता है। ग्रीन आतिशबाजी की पहचान प्रत्येक आतिशबाजी के बॉक्स पर नीरी द्वारा जारी किए गए क्यूआर कोड को स्केन करके की जा सकती है। पूर्व में राज्य सरकार की ओर से 30 सितंबर को आदेश जारी कर प्रदेश में एक अक्टूबर से 31 मार्च 2022 तक आतिशबाजी बेचने व चलाने पर रोक लगाई गई थी।
Published on:
17 Oct 2021 08:52 am
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